अहमदाबाद: आठ महीने पहले इस्तीफा दे चुके पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथ को सरकार ने कोविड-19 महामारी के कारण बने हालात को देखते हुए तत्काल ड्यूटी पर आने का निर्देश दिया लेकिन अधिकारी ने कहा कि वह काम पर नहीं लौटेंगे. गौरतलब है कि गोपीनाथ ने ‘जम्मू-कश्मीर के लोगों को आजादी नहीं देने’ के विरोध में इस्तीफा दिया था. Also Read - Top News Of The Day: काबू में आया कोरोना! 24 घंटे में केवल 47 हजार नए मामले और 587 की मौत

सरकार का तर्क है कि अधिकारी का इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है इसीलिए उन्हें ड्यूटी पर लौटने को कहा गया है. गोपीनाथ का कहना है कि ऐसा करके सरकार उन्हें प्रताड़ित कर रही है. उनका कहना है कि कोविड-19 के कारण पैदा हुए संकट के दौरान वे लोगों को अपनी सेवाएं देने को तैयार हैं लेकिन एक आईएएस अधिकारी के रूप में नहीं. Also Read - Corona Patients Garba Video: COVID-19 केंद्रों में मरीजों ने किया 'गरबा', सोशल मीडिया पर VIDEO वायरल

पिछले वर्ष अगस्त में अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर में पाबंदियां लगाने और राज्य को विभाजित कर दो केंद्र शासित प्रदेश बनाने के विरोध में 33 वर्षीय कन्नन ने इस्तीफा दिया था. वह दमन और दीव में पदस्थ थे. कन्नन ने ट्वीट किया, ‘‘मैं जानता हूं कि वे मुझे और प्रताड़ित करना चाहते हैं. फिर भी इस मुश्किल वक्त में मैं सरकार के लिए अपनी सेवाएं देना चाहता हूं. लेकिन एक आईएएस अधिकारी के रूप में नहीं.’’ Also Read - World Coronavirus Updates: दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले 4 करोड़ के पार, 11 लाख की अब तक जा चुकी है जान

कन्नन के इस्तीफा देने के एक हफ्ते भी बाद सरकार ने उन्हें ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया था.