
Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट विशेषज्ञ हैं जिनके पास 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में, इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर अपनी सेवाएं ... और पढ़ें
CGHS Rule Change: केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और रिटायर पेंशनर्स के लिए CGHS (केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना) से जुड़े पुराने नियमों में बड़ा बदलाव किया है. लंबे समय से CGHS कार्डधारक यह शिकायत करते आए थे कि पुराने पैकेज रेट्स बहुत कम होने के कारण उन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में कैश देने पड़ते थे और सरकार से पैसे वापस लेने के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ता था. अब यह समस्या लगभग खत्म होने वाली है.
सरकार ने 2,000 मेडिकल पैकेज के नए रेट्स जारी किए हैं, जो 13 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे. इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज के लिए अपनी जेब से पैसा नहीं देना पड़ेगा. बड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पताल अब CGHS कार्ड पर ही कैशलेस इलाज करेंगे, जिससे मरीजों को दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा.
पहले CGHS कार्डधारक बड़े प्राइवेट अस्पतालों में कैशलेस इलाज के लिए जाते, तो कई बार अस्पताल यह कह देते थे कि सरकार से मिलने वाली राशि बहुत कम है. इसके चलते मरीज को पहले अपना पैसा जमा करना पड़ता और फिर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे. नए रेट्स के साथ अब यह बहाना खत्म हो जाएगा और अस्पताल कार्ड पर ही इलाज करेंगे.
CGHS की आधिकारिक वेबसाइट पर “सर्कुलर” या “नोटिफिकेशन” सेक्शन में जाकर PDF फाइल डाउनलोड की जा सकती है. इसमें हर इलाज का कोड और नया पैकेज रेट दिया गया है. NABH और Non-NABH अस्पतालों के रेट अलग-अलग तय किए गए हैं.
सरकार ने शहर और अस्पताल के अनुसार रेट तय किए हैं. बड़े शहरों और बड़े अस्पतालों में इलाज थोड़ा महंगा होगा, जबकि छोटे शहरों और मामूली अस्पतालों में कम. विशेष सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए 15% अतिरिक्त रेट तय किया गया है, ताकि मरीजों को बेहतर देखभाल मिल सके.
CGHS केंद्र सरकार के कर्मचारियों, रिटायर कर्मचारियों और उनके परिवार के लिए स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधा है. इसके तहत कार्डधारक सरकारी और कुछ प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त या कम खर्च पर इलाज करवा सकते हैं. इसमें डॉक्टर से परामर्श, अस्पताल में भर्ती, ऑपरेशन और दवाइयां शामिल हैं. नए रेट्स के साथ यह योजना और अधिक ताकतवर बन गई है, जिससे लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.