नई दिल्‍ली: इस बार नवरात्र‍ि की अष्‍टमी और नवमी एक ही दिन है. यानी 25 मार्च को ही अष्‍टमी और नवमी दोनों की पूजा होगी. नवरात्र‍ि के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्‍वरूप महागौरी की पूजा की जाती है. इनकी शक्ति अमोघ और फलदायिनी है. इनकी उपासना से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं. इस दिन मां महागौरी के इस मंत्र का जाप करने से मन की सारी मुराद पूरी होती है: श्वेते वृषे समरूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।

अष्‍टमी के दिन नारियल चढ़ाने का महत्‍व बहुत ज्‍यादा है. ऐसी मान्‍यता है कि मां को नारियल या नारियल से बनी मिठाई चढ़ाने पर उनका आशीष प्राप्‍त होता है. अष्‍टमी को लोग पूरी, चना और हलवा का प्रसाद भी बांटते हैं.

वहीं, नवरात्र‍ि के आखिरी दि‍न यानी नवमी के दिन मां दुर्गा के 9वें स्‍वरूप सिद्ध‍िदात्री की पूजा होती है. सभी प्रकार की सिद्धियों को प्रदान करने वाली मां का यह स्‍वरूप नव दुर्गाओं में सबसे अंतिम है. मां सिद्धिदात्री को प्रसन्‍न करने के लिए इस मंत्र का जाप करें. सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यामाना सदा भूयात सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।

इस बार अष्‍टमी और नवमी एक ही दिन यानी 25 मार्च को है. ऐसा होने पर संधि पूजा होती है. संधि पूजा उस वक्‍त होती है, जब अष्‍टमी की तिथि समाप्‍त होती है और नवमी की शुरुआत होती है. यह उन लोगों के लिए महत्‍वपूर्ण है, जो नवरात्र‍ि के 9 दिन व्रत रखते हैं.

रामनवमी को श्री राम का जन्मोत्सव कहा जाता है. इसलिए कहा जाता है कि इस दिन घर में हर्ष और उल्लास का माहौल ऐसा होना चाहिए, जैसे कि नन्हें शिशु के जन्म के बाद घर में होता है. श्रीराम नवमी के दिन रामरक्षास्त्रोत, राम मंत्र, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदर कांड आदि के पाठ से ना सिर्फ अक्षय पुण्य मिलता है, बल्कि धन संपदा के निरंतर बढ़ने के योग जाग्रृत होते हैं.

संधि पूजा का समय
संधि पूजा के लिए इस बार 47 मिनट का समय है, जो 25 मार्च को सुबह 07:38 बजे से शुरू होकर 8:26 बजे तक रहेगा. राम नवमी की पूजा सुबह 8:26 के बाद होगी