हैदराबाद। बीजेपी और केंद्र सरकार से बिगड़ते रिश्तों के बीच तेलुगूदेशम पार्टी ने केंद्र सरकार से नाता तोड़ लिया है. टीडीपी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू केंद्र से अलग होने का फैसला लेते हुए अपने दोनों मंत्रियों से इस्तीफा देने को कहा है. सूत्रों के मुताबिक, नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू और साइंस-टेक्नोलॉजी राज्य मंत्री वाई एस चौधरी गुरुवार को इस्तीफा देंगे. टीडीपी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रही है. लेकिन बुधवार शाम को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ कर दिया कि संवैधानिक दृष्टि से ऐसा संभव ही नहीं. आंध्र को हर तरह की मदद दी जा सकती है लेकिन विशेष दर्जा नहीं. बताया जा रहा है कि जेटली के इसी बयान से टीडीपी नाराज है. इधर, भाजपा ने भी आंध्र प्रदेश कैबिनेट में शामिल अपने दो विधायकों को इस्तीफा देने को कहा है. चंद्राबाबू नायडू की सरकार में शामिल मानिक्याला राव और कामिनेनी श्रीनिवास राव गुरुवार को अपने पदों से इस्तीफा दे सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, बुधवार रात ही पार्टी ने राज्य कैबिनेट से बाहर होने की घोषणा कर दी. Also Read - LG पॉलिमर्स इंडिया के संयंत्र में प्रदर्शन करने जा रहे वाम दलों के कई कार्यकताओं के खिलाफ FIR

प्रेस कांफ्रेंस में नायडू ने कहा कि केंद्र में रहने का कोई फायदा नहीं हुआ. हम आंध्र के फायदे के लिए एनडीए में शामिल हुए थे. हमसे जो वादा किया गया था वो पूरा नहीं किया गया. सीएम नायडू ने कहा कि बजट के बाद से ही हम ये मुद्दा उठा रहे थे लेकिन केंद्र सरकार ने हमारी नहीं सुनी. केंद्र सुनने के मूड में नहीं है. मुझे नहीं पता कि मैंने क्या गलती की है. वे ऐसी बातें क्यों कर रहे हैं. 

नायडू ने कहा कि सदभावना के तहत और सीनियर राजनीतिज्ञ होने के नाते मैं इस फैसले से पीएम को अवगत कराने गया था, लेकिन वह उपलब्ध नहीं थे.

दूसरी ओर, भाजपा ने तेलुगु देशम पार्टी के फैसले को राजनीतिक अवसरवादिता करार देते हुए उसके आरोपों से इंकार किया है. भाजपा नेता कृष्णा सागर राव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आंध्र प्रदेश को मदद नहीं करने संबंधी चंद्र बाबू नायडू का बयान झूठ है.

सूत्रों के मुताबिक नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू और साइंस-टेक्नोलॉजी राज्य मंत्री वाई एस चौधरी गुरुवार को इस्तीफा देंगे. बुधवार सुबह से ही इसे लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई थी. पिछले कुछ समय में आंध्र को विशेष दर्जा देने के मामले टीडीपी – बीजेपी के बीच तकरार लगातार बढ़ती ही जा रही थी. खुद सीएम नायडू कई बार इसे लेकर सीधे तौर पर केंद्र से अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके थे.

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17 फरवरी को ही गुंटुर में सीएम नायडू ने कहा कि आंध्र के 5 करोड़ लोगों की ओर से मैं केंद्र से मांग करता हूं कि हमारे राज्य के साथ इंसाफ किया जाए. मैं इस बात पर बहस करने को तैयार हूं कि दूसरे राज्यों को कितना मिला और हमारे राज्य को कितना. मैं प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से मांग करता हूं कि वह हमारे साथ न्याय करें. मैं तेलुगु लोगों के लिए किसी भी तरह का बलिदान करने को तैयार हूं.

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बीजेपी को निशाने पर लेते हुए नायडू ने कहा कि हम बीजेपी के साथ इसलिए आए क्योंकि हम चाहते थे कि आंध्र प्रदेश के साथ इंसाफ हो. मैं 29 बार दिल्ली गया और हर बार कई लोगों से मुलाकात की. इसके बावजूद हमारे साथ न्याय नहीं किया गया. उन्होंने हमेशा आंध्र के साथ नाइंसाफी की.