नई दिल्ली/लखनऊ. लगभग तीन साल से ज्यादा जेल में रहने के बाद गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात जेल से बाहर आए भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ‘रावण’ ने कहा है कि यदि क्रांतिकारी दर्द की चिंता करने लगेगा तो कोई क्रांति हो नहीं पाएगी. मैंने हर मुश्किल में अपना मनोबल ऊंचा रखा. हालांकि, मेरा मानना है कि जेल एक श्मशान की तरह होता है, जहां आप रोज बांधे और छोड़े जाते हैं. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए चंद्रशेखर ने सुप्रीम कोर्ट के एससी/एसी एक्ट पर आदेश के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठने की घटना के सवाल का भी जवाब दिया. रावण ने कहा, मैं 8 दिन तक भूख हड़ताल पर बैठा था. उन्होंने मुझे जबरदस्ती खाना खिलाने की कोशिश की. इसके बाद उन्होंने मीडिया स्टोरी प्लांट कराई कि मैं एक टाइम खाना खा रहा हूं. इस दौरान मैंने महसूस किया कि इस देश में गांधी की विचारधार को लागू नहीं किया जा सकता है. Also Read - Hyderabad Election Result 2020: हैदराबाद नगर निगम चुनाव में बजा बीजेपी का डंका, टीआरएस को फिर मिली सत्ता

इस दौरान रावण ने एक बार फिर बीजेपी पर निशाना साधा. उसने कहा, जब तक मैं जेल से बाहर हूं या जिंदा हूं, मैं लोगों से बीजेपी को हराने के लिए ही कहूंगा. वोटों से मैं इनकी नसबंदी कर दूंगा. हालांकि, राजनीति में जाने के सवाल पर रावण ने कहा, मुझे लगता है कि मैं राजनीति से दूर रहूंगा तो अपनी कम्यूनिटी के लिए कुछ बेहतर कर सकूंगा. मैं राजनीति की शक्ति के भ्रष्टाचार से डरता हूं. Also Read - वैक्सीनेशन को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, अधीर रंजन बोले- आम जनता के टीकाकरण के लिए कोई रोडमैप नहीं

नहीं लड़ूंगा चुनाव
रावण ने कहा, मैं चुनाव नहीं लडूंगा. लेकिन अपने लोगों को लड़ाउंगा. चुनावी राजनीति विचारधारा को प्रभावित करती है. उन्होंने कहा, बीजेपी को किसी उखाड़ फेंकना किसी अकेली पार्टी के बस की चीज नहीं है. लोगों को साथ आना होगा. सिर्फ महागठबंधन ही बीजेपी को हरा सकता है. Also Read - GHMC Eelection Results 2020 Update: पलट गए रुझान, सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही TRS, तीसरे नंबर पर भाजपा!

मायावती ने काफी काम किया, अब हामारी बारी है
मायावती के सवाल पर रावण ने कहा, ‘बुआजी’ को भीम आर्मी के सपोर्ट करने या न करने का कोई मायने ही नहीं है. उन्होंने कांशी राम के साथ काफी काम किया है. अब कुछ करने की हमारी बारी है. समाज बनाने की और अपने लोगों के मनोबल को ऊंचा करने की. उन्हें शिक्षा के जरिए मजबूत करना होगा. मायावती अब भी चुनावी राजनीति कर सकती हैं. हम दोनों का खून एक है. कुछ मुद्दे पर वह मेरे साथ नहीं है और मैं उनके साथ नहीं हूं. हमारा एक मात्र उद्देश्य बीजेपी को हराना है.

सपा-कांग्रेस बीजेपी को नहीं हरा सकती
उन्होंने कहा, बुआ जी (मायावती) सर्वजन की राजनीति की ओर चली गई हैं. जबकि मैं बहुजन के रास्ते पर हूं. मैं सिर्फ सामाजिक दबाव को समझता हूं. महागठबंधन में मायवती को शामिल करने के लिए हम दबाव डालेंगे. हम देश में रैली करके पर्याप्त सामाजिक दबाव डालेंगे. अखिलेश यादव और कांग्रेस बीजेपी को नहीं हरा सकते हैं.