नई दिल्ली: चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से चांद पर पहुंचने के ठीक पहले संपर्क टूटने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने देश और वैज्ञानिकों को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि ‘मैं कल रात को आपकी स्थिति को समझ रहा था. आपकी आंखें बहुत कुछ कहती थीं. कई रातों से आप सोए नहीं, फिर भी मेरा मन करता था कि आपको सुबह बुलाऊं और आपसे बातें करूं. इस देश का हर व्यक्ति उम्मीद में था. बहुत सी उम्मीदें थीं. फिर सब कुछ नजर आना बंद हो गया. मैं देख रहा था कि इसके बाद भी आपको उम्मीद थी क्योंकि आपने इसको बड़ी बारीकि से बनाया था.

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पीएम मोदी ने कहा कि भले ही चंद्रयान का आखिरी समय आशा के अनुकूल न रहा हो लेकिन इसकी यात्रा शानदार रही. इस बीच भी हमारा ऑर्बिटर पूरी शान से चांद के चक्कर लगा रहा है. साथियों, भले ही इसमें कुछ रुकावटें आईं हों, लेकिन इससे हमारा हौसला कमजोर नहीं पड़ेगा बल्कि और मजबूत हुआ है. हम अपने रास्ते से हटे नहीं हैं. हम भले ही चन्द्रमा की सतह पर नहीं पहुंच पाए लेकिन इतिहास लिखा जाएगा कि हम चंद्रमा को गले लगाने पहुंच गए थे. हमारा संकल्प और मजबूत हुआ.

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पीएम मोदी ने कहा कि इसरो अगर दुनिया के अग्रणी वैज्ञानिक केंद्रों में से एक है तो ऐसा वैज्ञानिकों की मेहनत के कारण है. हम मक्खन पर नहीं, पत्थर पर लकीर करने वाले हैं. उन्होंने कहा कि मैं स्पेस के वैज्ञानिकों और उनके परिवारों को सलाम करता हूं. नई जगहों पर जाना है और नई चुनौतियों का सामना करना है. कोई रुकावट हमारा हौसला कम नहीं कर सकती. परिणाम अपनी जगह है लेकिन मुझे और पूरे देश को आप सभी वैज्ञानिकों पर गर्व है. मैं फिर कह रहा हूं कि मैं आपके साथ हूं. देश भी आपके साथ है. हर मुश्किल, हर संघर्ष हमें कुछ नया सिखाकर जाती है. इसी से हमारी आगे की सभ्यता तय होती है. उन्होंने कहा कि ज्ञान से बड़ा शिक्षक विज्ञान होता है. ये हर समय नए प्रयोगों पर यकीन रखता है. पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र के विकास में इसरो का महत्वपूर्ण योगदान है.