बेंगलुरू: भारत के चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का चंद्रमा की सतह पर उतरने की प्रक्रिया के दौरान शनिवार को उससे इसरो का संपर्क टूट गया. यह जानकारी भारतीय अंतरिक्ष एवं अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन ने दी. इसरो अध्यक्ष के. सिवन ने कहा कि लैंडर ‘विक्रम’ को चंद्रमा की सतह पर लाने की प्रक्रिया सामान्य देखी गई, लेकिन बाद में लैंडर का संपर्क जमीनी स्टेशन से टूट गया, डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है.Also Read - Vaccine Century: कोरोना टीका बनाने वाली सात भारतीय कंपनियों के निर्माताओं से मिले पीएम मोदी, कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

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चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम को चंद्रमा की सतह पर उतरने की प्रक्रिया का साक्षी बनने बेंगलुरू पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इसरो के वैज्ञानिकों से तब साहसी बनने के लिए कहा, जब विक्रम का संपर्क इसरो से टूट गया. उन्होंने कहा कि उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है, देश आप पर गर्व करता है, सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद करें, हौसला रखें. पीएम मोदी ने इसरो वैज्ञानिकों से कहा कि आपने बहुत उत्तम सेवा की है, मैं पूरी तरह आपके साथ हूं. Also Read - Gati Shakti Yojana: गति शक्ति योजना से यूपी के विकास को मिलेगी शक्ति, इंफ्रा में उत्तर प्रदेश बनेगा नंबर वन

चांद की सतह से 2.1 किमी पहले टूटा विक्रम लैंडर से संपर्क
बता दें कि भारत के मून लैंडर विक्रम से उस समय संपर्क टूट गया, जब वह शनिवार तड़के चंद्रमा की सतह की ओर बढ़ रहा था. इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा कि संपर्क उस समय टूटा, जब विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाले स्थान से 2.1 किलोमीटर दूर रह गया था.