बेंगलुरू: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा है कि ‘चंद्रयान 2’ को दूसरी बार उसकी कक्षा में आगे बढ़ाया गया है जिससे वह चंद्रमा के और नजदीक पहुंच गया है. ऐसा पृथ्वी से निर्देश भेज कर किया गया. इसरो ने एक बयान में बताया कि यान ने बृहस्पतिवार देर रात करीब एक बजकर आठ मिनट पर दूसरी कक्षा में प्रवेश किया. इसके लिए उसने यान में मौजूद प्रणोदन प्रणाली का इस्तेमाल किया, जिसमें 15 मिनट का समय लगा.

बयान के मुताबिक, इस प्रयास के साथ अंतरिक्ष यान 251 X 54,829 किमी की कक्षा में प्रवेश कर गया. इसरो ने बताया कि अंतरिक्ष यान की सभी गतिविधियां सामान्य स्थिति में हैं. अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार ‘चंद्रयान 2’ 29 जुलाई दोपहर को तीसरी कक्षा में प्रवेश करेगा. एक मून लैंडर और रोवर के साथ चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान भेजने की यह महत्वाकांक्षी परियोजना 22 जुलाई को दोपहर के वक्त शुरू हुई थी.

VIDEO: चंद्रयान-2 की लॉन्‍च‍िंग के दौरान PM मोदी दिखे गंभीर, फिर ताली बजाकर दी बधाई

इसरो का लक्ष्य, लैंडर – विक्रम को सात सितंबर 2019 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतारना है, जहां अभी तक कोई देश नहीं पहुंचा है. शुक्रवार का अभियान, 14 अगस्त को चंद्रमा के आभामंडल में प्रवेश से पहले होने वाले यान के चार अभियानों में से दूसरा है.