नई दिल्‍ली: मिशन चंद्रयान -2 को लेकर इसरो एक नई प्‍लानिंग कर रहा है. इसरो के प्रमुख के सिवन ने कहा कि हम फ्यूचर प्‍लान पर काम करेंगे. जरूरी अप्रूव और अन्‍य प्रक्रियाओं की जरूरत होगी. हम इस पर काम कर रहे हैं. इसरो चीफ ने मिशन के बारे में बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बहुत अच्‍छे से काम कर रहा है. सभी पेलोडो ऑपरेशन हो गए हैं. ये बहुत अच्‍छे से काम कर रहा है. उन्‍होंने हमें लैंडर से कोई सिग्‍नल नहीं मिला, लेकिन ऑर्बिटर बहुत अच्‍छे से काम कर रहा है. एक राष्‍ट्रीय स्‍तर की एक कमेटी अब विश्‍लेषण कर रही है कि वास्‍तव में लैंडर के साथ क्‍या गलत हुआ.

इसरो चीफ सिवन ने कहा कि विश्‍लेषण के बाद रिपोर्ट सब्‍मिट की जा सकती है. उन्‍होंने कहा कि हम फ्यूचर प्‍लान पर काम करेंगे. जरूरी अप्रूव और अन्‍य प्रक्रियाओं की जरूरत होगी. हम इस पर काम कर रहे हैं.

बता दें कि सिवन इस मिशन के विफलता के बाद कहा था कि चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास विफल होने के बावजूद ‘चंद्रयान-2’ मिशन के 98 प्रतिशत उद्देश्य प्राप्त कर लिए गए.

बता दें कि सात सितंबर को तड़के चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में सॉफ्ट लैंडिंग के असफल प्रयास के दौरान विक्रम का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था. विक्रम के भीतर ही रोवर प्रज्ञान बंद है. इसरो ने लैंडर से संपर्क का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई. इसका जीवनकाल चंद्रमा के एक दिन और धरती के 14 दिन के बराबर था जो गत शनिवार को पूरा हो गया.

वरिष्ठ अंतरिक्ष वैज्ञानिक जी माधवन नायर ने दो दिन पहले मंगलवार को कहा था कि चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग में विफलता चिंता की कोई बात नहीं है और इससे इसरो अपने जटिल मिशनों को आगे बढ़ाने में और सक्षम होगा. इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने पहली बार यह भी स्वीकार किया था कि अब ‘चंद्रयान-2’ के लैंडर ‘विक्रम’ से पुन: संपर्क स्थापित होने की कोई संभावना नहीं है.