Watch Video: Pragyan Rover ने चांद पर ISRO का Logo और National Emblem की छाप छोड़ी, आप भी देखें

Chandrayaan-3 Update: इसरो ने चंद्रयान-3 मिशन के रोवर ‘प्रज्ञान’ के लैंडर ‘विक्रम’ से बाहर निकलने और इसके चंद्रमा की सतह पर चलने का एक शानदार वीडियो शुक्रवार को जारी किया.

Published date india.com Published: August 25, 2023 2:30 PM IST
Chandrayaan-3 lander Vikram
Chandrayaan-3 lander Vikram

बेंगलुरु: इसरो (ISRO) ने प्रज्ञान रोवर (Pragyan Rover) के लैंडर से उतरकर चंद्रमा (Moon) की सतह पर चलने का वीडियो जारी किया है. प्रज्ञान रोवर के पिछले पहियों पर इसरो का लोगो और राष्ट्रीय प्रतीक की छाप छोड़ी है. जैसे ही प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर आगे बढ़ा रोवर ने इसरो के लोगो के निशान और राष्ट्रीय प्रतीक के छोड़ दिए. इससे पहले इसरो ने 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 लैंडर विक्रम की सॉफ्ट लैंडिंग के दृश्य जारी किए थे जिन्हें चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे द्वारा क्लिक किया गया था.

यह वीडियो लैंडर के इमेजर कैमरे ने बनाया है. इसरो ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यह वीडियो साझा करते हुए संदेश लिखा, ‘‘… और चंद्रयान-3 का रोवर, लैंडर से निकलकर इस तरह चंद्रमा की सतह पर चला.’’ भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने चंद्रयान-3 के लैंडर के चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने के बाद चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर हाई रेजोल्यूशन कैमरा (ओएचआरसी) से ली गई उसकी तस्वीर भी जारी की. इसरो ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा, ‘‘… चंद्रयान-2 ऑर्बिटर ने चंद्रयान-3 लैंडर की तस्वीरें लीं. चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर हाई-रेजोल्यूशन कैमरा (ओएचआरसी) चंद्रमा की परिक्रमा कर रहे वर्तमान में मौजूद सभी कैमरों की अपेक्षा में सर्वश्रेष्ठ रेजोल्यूशन वाला कैमरा है.

वीडियो देखिए

इसने 23 अगस्त 2023 को चांद की सतह पर उतरे चंद्रयान-3 लैंडर को कैमरे में कैद किया.’’ चंद्रयान-2 ऑर्बिटर को 2019 में प्रक्षेपित किया गया था. यह अब भी चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगा रहा है. ‘प्रज्ञान’ के साथ ‘विक्रम’ बुधवार को अपने मकसद के लिए निर्धारित ‘‘क्षेत्र के भीतर’’ चंद्रमा की सतह पर उतरा था. चंद्रमा की सतह पर उतरने के कुछ घंटों बाद 26 किलोग्राम वजनी छह पहियों वाला रोवर, लैंडर से बाहर निकला. इसरो ने बृहस्पतिवार शाम कहा था, ‘‘सभी गतिविधियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं. सभी प्रणालियां सामान्य हैं. लैंडर मॉड्यूल में मौजूद इल्सा (‘इंस्ट्रूमेंट फॉर लूनर सीस्मिक एक्टिविटी’), रंभा (रेडियो एनाटॉमी ऑफ मून बाउंड हाइपरसेंसिटिव आयनोस्फियर एंड एटमॉस्फियर) और चेस्ट आज चालू हो गए.

रोवर ने चलना शुरू कर दिया है. ‘प्रोपल्शन मॉड्यूल’ में मौजूद ‘शेप’ (स्पेक्ट्रो-पोलरिमेट्री ऑफ हैबिटेबल प्लैनेट अर्थ) पेलोड का संचालन रविवार को शुरू हो गया था.’’ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस लैंडर मॉड्यूल की ‘सॉफ्ट लैंडिग’ कराने में सफलता हासिल की. भारतीय समयानुसार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ. इसके साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का पहला देश तथा चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया.

(इनपुट- ANI, PTI)

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