Chandrayaan 3 Update: जल्द जारी होगा Chandrayaan 2 की नजर से रोवर Pragyan का Video

निराशा के फर्श से कामयाबियों के अर्श तक कैसे पहुंचा जाता है, यही कहानी ISRO की है. जब चंद्रयान-2 अपने अंतिम चरण में विफल रहा तो निराशा के आंसू थे और आज जब चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह को चूम चुका है तो खुशी के आंसू हैं.

Published date india.com Updated: August 26, 2023 11:08 AM IST
ISRO Pragyan new Video

Chandrayaan 3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतर चुका है. इसके साथ ही दुनियाभर में भारत और ISRO का डंका बज रहा है. हर कोई भारत के इस मिशन की बात कर रहा है. दुनियाभर के देशों से बधाई संदेश आ रहे हैं. Chandrayaan 3 एक ऐसी कहानी है, जो निराशा के बादलों से जन्म लेकर सफलता के झंडे गाड़ने की पूरी दास्तां बताती है. इस कहानी की शुरुआत साल 2019 में हुई, जब Chandrayaan 2 अपने अंतिम चरण में फेल हो गया था. उस कहानी पर भी रोशनी डालेंगे, पहले जान लेते हैं Chandrayaan 3 की स्थिति क्या है.

चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 23 अगस्त को लैंड हुआ. इसके बाद लैंडर के अंदर से रोवर प्रज्ञान के बाहर निकलने का वीडियो भी ISRO ने जारी किया था. आपने वह वीडियो जरूर देखा होगा. नहीं देखा तो यहां क्लिक करके देखें.

अब इसरो जल्द ही चंद्रम की सतह पर रोवर प्रज्ञान की चहलकदमी का वीडियो भी जारी करेगी. यह वीडियो सच में देखने लायक और अद्भुत होगा. यह बिल्कुल उस बच्चे की तरह होगा, जो पहली बार चलना शुरू करता है. समस्त देशवासी चंद्रयान-3 से जुड़े हर अपडेट का इस तरह से इंतजार कर रहा है, जैसे माता-पिता अपने बच्चे के पहले कदमों का इंतजार करते हैं. जैसे ही ISRO प्रज्ञान की चहलकदमी का वीडियो जारी करेगा, हम आपके लिए वह भी लेकर आएंगे.

चंद्रयान 2 का चंद्रयान 3 से कनेक्शन

चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर अब भी चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगा रहा है और बहुत ही अच्छी तरह से काम कर रहा है. चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चंद्रयान-3 के रोवर प्रज्ञान की हर हरकत को अपने कैमरे में कैद करके ISRO को भेज रहा है.

जब चंद्रयान-3 चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद चंद्रयान-2 ने उसका स्वागत किया. इस संबंध में ISRO ने ट्वीट करके जानकारी दी थी. इसके बाद जब लैंडर विक्रम चंद्रमा की सतह पर उतरा, तब भी चंद्रमा का चक्कर लगा रहे चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने संदेश भेजा. तब चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने कहा, मैं तुम्हारी जासूसी कर रहा हूं.

निराशा को हिम्मत बनाया

ऐसा नहीं है चंद्रयान-2 पूरी तरह से विफल था. बल्कि यह अपने अंतिम चरण को पूरा नहीं कर पाया था. इसलिए वैज्ञानिक निराश थे, देश निराश था. हालांकि, चंद्रयान-2 की सफलता को 99 फीसद तक बताया जाता है. अंतिम चरण में लैंडर से संपर्क टूट गया था और वह चंद्रमा की सतह पर क्रैश हो गया था. तब ISRO प्रमुख की आंखों में निराशा के आंसू थे, जब इसी चरण को चंद्रयान-3 ने सफलता पूर्वक पूरा किया तो पूरे देश की आंखों में खुशी के आंसू थे.

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चंद्रयान-2 के असफल होने से जिस निराशा का जन्म हुआ था, उसी को हिम्मत बनाकर ISRO एक बार फिर से जुट गया और फिर 23 अगस्त 2023 को इतिहास बना दिया. चंद्रमा पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करने वाला भारत चौथा देश बन गया. हालांकि, साउथ पोल पर लैंडिंग करने वाला भारत पहला और अब तक का इकलौता देश है. इसे कहते हैं, निराशा की खाक को माथे पर लगाकर सफलता के झंडे गाड़ना.

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