नई दिल्ली. देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी, कांग्रेस बदल रही है. इसकी झलक पार्टी के दिल्ली में हो रहे महाधिवेशन में दिख रही है. 8 साल बाद हो रहे इस महाधिवेशन से पहले एक अदद छोटी घटना पर भी मीडिया की नजर गई, वह थी राहुल गांधी के टि्वटर अकाउंट का नाम-परिवर्तन. ‘Office of RG’ से बदलकर राहुल गांधी अब टि्वटर पर सिर्फ ‘Rahul Gandhi’के नाम से नजर आएंगे. हमारे सहयोगी चैनल WION ने कांग्रेस पार्टी के महाधिवेशन में ऐसे ही कुछ बदलावों को देखा. आइए देखते हैं क्या महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं इस पार्टी में.

1. राहुल गांधी ने पहली बार कांग्रेस के किसी महाधिवेशन को बतौर पार्टी अध्यक्ष संबोधित किया. इस अधिवेशन में पहले राहुल गांधी को एक ही बार बोलना था, लेकिन बाद में तय किया गया कि राहुल पहले और आखिरी, दोनों दिन बोलेंगे. पहले दिन का भाषण छोटा होगा, जबकि आखिरी भाषण कनक्लूजन भाषण होगा. हुआ भी ऐसा ही, राहुल ने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा कि आज देश में गुस्सा फैलाया जा रहा है, देश को बांटा जा रहा है. हिंदुस्तान के एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से लड़वाया जा रहा है. हमारा काम जोड़ने का है. कांग्रेस का हाथ निशान ही देश को जोड़ कर रख सकता है.

कांग्रेस अधिवेशन में जुटे हैं देशभर के नेता-कार्यकर्ता. (फोटो साभारः एएनआई)

कांग्रेस अधिवेशन में जुटे हैं देशभर के नेता-कार्यकर्ता. (फोटो साभारः एएनआई)

 

2. राहुल गांधी ने भाजपा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए वरिष्ठ नेताओं को तरजीह देने की बात कही. उन्होंने कहा कि हम अपने सीनियर नेताओं को नहीं भूलते हैं. हमारे नेता जैसे सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह पार्टी के लिए लड़ते हैं. शायद यही वजह थी कि राहुल गांधी के भाषण समाप्त होते ही पूर्व लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार को मंच पर संबोधन के लिए बुलाया गया.

3. कांग्रेस के किसी भी अधिवेशन में ऐसा नहीं हुआ कि मंच पर वरिष्ठ नेताओं को जगह न मिली हो. लेकिन इस महाधिवेशन में मंच खाली है. सोनिया गांधी, पुर्व पीएम मनमोहन सिंह, मल्लिकार्जुन खड़गे या पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मंच पर नहीं, बल्कि नीचे पहली कतार में बैठे हैं. बुजुर्ग नेताओं को मंच से बाहर रखना यह बताता है कि पार्टी युवाओं की सोच की तरफ कदम बढ़ा रही है. कांग्रेस में अब ‘लीडर’ की जगह ‘वर्कर’ को तवज्जो दी जाएगी.

4. कांग्रेस के पूर्व अधिवेशनों के मुकाबले इस बार नेताओं के लंबे-लंबे भाषण नहीं होंगे. अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से आए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस का वही पुराना इतिहास और विभिन्न सरकारों में बटोरे गए अनुभव सुनने की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी. इसकी जगह पहले से चुने गए विषयों पर टीवी पैनल डिस्कशन की योजना बनाई गई है. इसके तहत पहले दिन मीडिया, संचार आदि संबंधी विषय तय किए गए हैं.

कांग्रेस अधिवेशन में राहुल का मोदी सरकार पर हमला, 'देश में फैलाया जा रहा है गुस्सा'

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5. पार्टी के सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस में यह बदलाव पार्टी को नए युग और सोच के हिसाब से तैयार करने की रणनीति के तहत किया जा रहा है. पार्टी का शानदार इतिहास रहा है. यह वर्तमान के साथ जुड़े, इसकी कोशिश की जा रही है. यही वजह है कि इस महाधिवेशन की शुरुआत स्वाधीनता संग्राम के नेतृत्व करने वाले महात्मा गांधी का ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो दिखाकर की गई. यह अधिवेशन पुराने अनुभव के साथ कांग्रेस की नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास है. पार्टी के नए अध्यक्ष राहुल गांधी देशभर के कार्यकर्ताओं को यह संदेश देना चाहते हैं कि कांग्रेस अब नए सिरे से सोच रही है और उसी के अनुरूप काम कर रही है.