नई दिल्‍ली: लद्दाख में एलएसी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बार-बार सियासी हमलों और पीएम नरेंद्र मोदी को ”सरेंडर मोदी” कहने के जवाब में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता को चुनौती देते हुए कह है, पार्लियामेंट होनी है, चर्चा करनी है तो आइए, करेंगे. 1962 से आज तक दो-दो हाथ हो जाएं…Also Read - Haryana में कोरोना पाबंदियों में ढील, 50 फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे सिनेमाघर-मल्टीप्लेक्स; स्कूलों को लेकर यह हुआ फैसला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने न्‍यूज एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्‍यू में यह बात कही है. शाह ने कहा राहुल “उथली सोच वाली राजनीति” में संलंग्‍न हैं. वह संसद में चीन के मुद्दे पर “मजबूत बहस” के लिए तैयार रहें. Also Read - एयरपोर्ट अफसरों ने हेलीकॉप्‍टर की उड़ान में देरी की वजह बताई तो अखिलेश बोले- मुझे कैसे पता होगा कि क्या कारण था

वहीं, केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने दिल्‍ली में कोरोना के बढ़ते मामलों और पूर्व में जुलाई के अंत तक 5.5 लाख होने के अनुमान को खारिज कर दिया. शाह ने कहा-दिल्‍ली में जुलाई के अंत तक कोरोना के 5.5 लाख नहीं पहुंचेंगे. Also Read - Uttarakhand Elections 2022: अमित शाह ने रुद्र प्रयाग में किया प्रचार, काम के आधार पर मांगे वोट


दिल्ली में कोविड-19 की लड़ाई पर लिए गए कुछ निर्णयों को लेकर विवादों पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा समन्वय है … अरविंद केजरीवाल को हमेशा लूप में रखा जाता है. वह निर्णय लेने में भी शामिल हैं. हो सकता है कि कुछ राजनीतिक बयान दिए गए हों, लेकिन निर्णय लेने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा हो.

अमित शाह ने कहा, मनीष सिसोदिया के बयान (जुलाई-अंत तक 5.5 लाख मामलों में) के बाद, पीएम ने मुझसे गृह मंत्रालय से  दिल्ली सरकार की मदद करने के लिए भी कहा. इसके तुरंत बाद, एक समन्वय बैठक बुलाई गई और निर्णय क्षेत्र में सभी व्यक्तियों के परीक्षण सहित कई निर्णय लिए गए.

शाह ने कहा, हम भारत-विरोधी प्रचार को संभालने में सक्षम हैं, लेकिन इसका दर्द तब है जब एक बड़ी पार्टी (राहुल गांधी) के पूर्व अध्यक्ष एक संकट के दौरान ‘ओछी राजनीती’ करते हैं. उनके और उनकी पार्टी के लिए आत्मनिरीक्षण की बात यह है कि उनके “हैशटैग” ट्वीट को पाक और चीन को प्रोत्साहित किया जा रहा है.

गृहमंत्री अमित शाह ANI से कहा, मैं राहुल गांधी को सलाह नहीं दे सकता, यह उनकी पार्टी के नेताओं का काम है. कुछ लोग ‘वक्रदृष्टा’ होते हैं, उन्हें सीधी बात भी वक्र दिखाई पड़ती है. कोरोना के खिलाफ भारत ने अच्छी लड़ाई लड़ी और दुनिया की तुलना में हमारे आंकड़े बहुत बेहतर हैं.