चारधाम यात्रा ने बनाया नया रिकॉर्ड, 114 दिनों में 47 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Written By: : Ikramuddin
Updated Date:August 11, 2026 11:29 PM IST

10 अगस्त तक 16,12,112 लोगों ने बद्रीनाथ के दर्शन किए हैं. इसके बाद केदारनाथ में 14,50,116, गंगोत्री में 7,37,629 और यमुनोत्री में 6,62,347 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. इसके अलावा 2,40,499 श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में भी मत्था टेका है.

उत्तराखंड में इस साल चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है. मानसून के दौरान खराब मौसम और भूस्खलन जैसी चुनौतियों के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंच रहे हैं. 10 अगस्त तक चारधाम यात्रा के 114 दिनों में कुल 47,02,703 श्रद्धालु चारों धाम के दर्शन कर चुके हैं. पिछले साल इसी अवधि में 42,34,147 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे. यानी इस साल अब तक पिछले साल की तुलना में 4,68,556 ज्यादा श्रद्धालु चारधाम पहुंचे हैं. चारधाम यात्रा की शुरुआत इस साल 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी. इसके बाद बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा भी शुरू हुई. लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से प्रशासन को यात्रा व्यवस्था और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना पड़ रहा है.

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बद्रीनाथ में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

आंकड़ों के मुताबिक, अब तक सबसे ज्यादा श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे हैं. 10 अगस्त तक 16,12,112 लोगों ने बद्रीनाथ के दर्शन किए हैं. इसके बाद केदारनाथ में 14,50,116, गंगोत्री में 7,37,629 और यमुनोत्री में 6,62,347 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. इसके अलावा 2,40,499 श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में भी मत्था टेका है. सोमवार को भी खराब मौसम और प्रशासन की ओर से जारी सावधानियों के बावजूद 15,376 श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए. इनमें सबसे ज्यादा 9,559 श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंचे. वहीं केदारनाथ में 4,170, गंगोत्री में 1,204 और यमुनोत्री में 443 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए.

खराब मौसम के बीच यात्रा पर नजर

उत्तराखंड में इस समय मानसून सक्रिय है. कई इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है. ऐसे में राज्य सरकार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर यात्रा को कुछ समय के लिए रोका जाए. श्रद्धालुओं की आवाजाही को भी मौसम और सड़क की स्थिति के हिसाब से नियंत्रित किया जा रहा है.

धामी ने कहा कि सक्रिय मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग 24 घंटे अलर्ट पर है. जिलाधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव का काम तुरंत शुरू किया जा सके. मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही यात्रा करें और प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करें.

बद्रीनाथ में पिछले साल से 3.50 लाख ज्यादा श्रद्धालु

बद्रीनाथ धाम की यात्रा शुरू हुए 10 अगस्त को 110 दिन पूरे हो गए. इस दौरान पिछले साल की तुलना में 3,50,192 ज्यादा श्रद्धालु बद्रीनाथ के दर्शन कर चुके हैं. यात्रा मार्ग और धामों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रहने, खाने और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. जिन जगहों पर भूस्खलन का खतरा ज्यादा है, वहां सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. मुख्यमंत्री भी राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के जरिए चारधाम यात्रा से जुड़े हालात पर नजर रख रहे हैं. मौसम खराब होने पर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को जरूरी जानकारी दी जा रही है और जरूरत के मुताबिक यात्रा को नियंत्रित किया जा रहा है.

चारधाम यात्रा में इस साल लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या से साफ है कि मानसून की चुनौतियों के बावजूद लोगों में इस यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह बना हुआ है. अगर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो यात्रा इस साल नया रिकॉर्ड बना सकती है. (एजेंसी इनपुट्स)

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