ठाणे: जबरन वसूली के एक मामले में पुलिस ने भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके भाई इकबाल कास्कर और अनीस इब्राहीम के खिलाफ आरोप – पत्र दाखिल किया है. पिछले वर्ष एक बिल्डर ने इस बाबत शिकायत दर्ज करवाई थी. ठाणे पुलिस के जबरन वसूली निरोध प्रकोष्ठ (एईसी) के एक वरिष्ठ निरीक्षक ने बताया, ‘‘बृहस्पतिवार को जिला अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया.’’ Also Read - अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद का भतीजा रिजवान कासकर मुंबई हवाईअड्डे पर गिरफ्तार, भारत से भागने का था प्लान

पिछले वर्ष अक्तूबर में पुलिस ने बिल्डर की शिकायत पर इकबाल कास्कर और दाऊद के गिरोह के सदस्यों के खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज किया था. बिल्डर ने शिकायत में कहा था कि गोराई इलाके में 38 एकड़ की जमीन के सौदे को लेकर कास्कर ने उसे धमकी दी और तीन करोड़ रुपये जबरन वसूले. Also Read - It's Dawood Ibrahim's old style, Beggars have no choice says Ujjawal nikam | दाऊद के सरेंडर की उड़ी खबर, उज्जवल निकम ने कहा- भिखारियों के पास नहीं होती च्वॉइस

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान इस मामले में दाऊद और अनीस की भूमिका भी सामने आई. इसके बाद उन दोनों को भी मामले में वांछित दिखाया गया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि हजारों पन्नों के आरोप पत्र में आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य हैं. ठाणे पुलिस के एईसी ने इकबाल कास्कर और उसके दो साथियों को पिछले वर्ष सितंबर में जबरन वसूली के अलग – अलग मामलों में गिरफ्तार किया था. Also Read - Extortion Case Registered Against Dawood Ibrahim, Anis Ibrahim | मोस्ट वांटेड दाऊद और अनीस इब्राहिम के खिलाफ अवैध वसूली का मामला दर्ज

इसी साल मार्च महीने में दाऊद के बेहद करीबी साथी फारूक टकला को दुंबई में गिरफ्तार कर मुंबई लाया गया था. वर्ष 1993 के मुंबई दंगों का आरोपी टकला उसी वक्त से देश से फरार था. उसके खिलाफ 1995 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. जून महीने के पहले सप्ताह में दाऊद का नाम फिर सुर्खियों में था जब गुजरात के एक पूर्व मंत्री ने उसके एक गुर्गे पर धमकी देने का आरोप लगाया था. केशुभाई पटेल सरकार में मंत्री रहे बिमल शाह ने कहा था कि उन्हें एक व्यक्ति ने संदेश भेजकर 10 लाख रुपए रकम की मांग की. व्यक्ति की पहचान अली बुदेश के रूप में हुई. वह दाऊद इब्राहिम से जुड़ा रह चुका है.