नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने आज कहा कि सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में आज दाखिल किया गया उसका आरोप पत्र चिकित्सकीय- कानूनी और फॉरेन्सिक सबूतों पर आधारित है. आरोप पत्र में सुनंदा के पति और कांग्रेस नेता शशि थरूर को आरोपी बनाया गया है. इस मामले में थरूर एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिनका नाम बतौर आरोपी डाला गया है. करीब 3,000 पृष्ठों के इस आरोप पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि थरूर का अपनी पत्नी के साथ व्यवहार क्रूरतापूर्ण था.

दिल्ली पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि जांच के दौरान चिकित्सकीय- कानूनी एवं फॉरेन्सिक विश्लेषणों तथा मनोवैज्ञानिक विश्लेषण विशेषज्ञों की राय के आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया गया. मामला अदालत में विचाराधीन है. मनोवैज्ञानिक विश्लेषण में विशेषज्ञ मानसिक हालत का पता लगाने के लिए पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से अंजाम देते हैं और पता लगाया जाता है कि मौत का कारण क्या था.

थरूर के शादी के तीन साल बाद हुई थी सुनंदा पुष्कर की मौत..
सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 की रात को एक लग्जरी होटल के कमरे में मृत पाई गई थीं. कांग्रेस नेता शशि थरूर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए (पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला को प्रताड़ित करना) और 306 (खुदकुशी के लिए उकसाना) के तहत आरोप लगाए गए हैं. आरोप पत्र में कहा गया है कि पुष्कर की मौत थरूर से शादी के तीन साल तीन महीने और 15 दिन बाद हुई थी. थरूर तिरूवनंतपुरम से लोकसभा सांसद हैं. दोनों की शादी 22 अगस्त 2010 को हुई थी और 17 जनवरी 2014 को सुनंदा मृत पाई गईं. सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक जनवरी 2015 को अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी.

(इनपुट-भाषा)