नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस सोमवार को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य तथा कुछ अन्य लोगों के खिलाफ देशद्रोह के मामले में आरोप पत्र दाखिल करेगी. दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने पहले ही इसकी जानकारी दे चुके हैं.

कन्हैया, उमर खालिद और अनिर्बान को जेएनयू परिसर में कथित रूप से संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी पर लटकाए जाने के विरोध में कथित रुप से कार्यक्रम करने को लेकर साल 2016 में देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी से बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. विपक्ष ने पुलिस पर सत्तारुढ़ भाजपा की शह पर काम करने का आरोप लगाया था.

देश विरोधी नारे का आरोप
पटनायक ने कहा, मामला अंतिम चरण में है. इसकी जांच पेचीदा थी क्योंकि पुलिस टीमों को बयान लेने के लिये अन्य राज्यों का दौरा करना पड़ा था. आरोप पत्र जल्द दायर किया जाएगा. जेएनयू के इस विवादस्पद कार्यक्रम से लोगों में नाराजगी फैली थी. आरोप लगे थे कि कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाए गए.

धारा 164 के तहत बयान हुए हैं दर्ज
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जेएनयू के इस केस में गवाहों के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए हैं. इस सेक्शन के तहत बयान देने वाला शख्स अपने बयान से मुकरता है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

इनके नाम हैं शामिल
पुलिस ने इसके साथ ही फोरेंसिक और फेसबुक डेटा के जरिए भी साक्ष्य जुटाए हैं. चार्जशीट में जिन अन्य लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें कश्मीर के रहने वाले आकिब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रईस रसूल, बशरत अली, खालिद बशीर भट हैं. आईपीसी के सेक्शन 124A (राजद्रोह) सेक्शन 147 (दंगा) और सेक्शन 149 (गैर कानूनी तरीके से एकत्र होना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.