चेन्नई: चुनाव आयोग ने मद्रास उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि उसे आधार को मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) और मतदाता सूची से जोड़ने में कोई आपत्ति नहीं है. मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं का पंजीकरण रोकने के लिये वोटर आईडी को आधार से जोड़ने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आयोग ने अदालत को यह जानकारी दी. Also Read - सावधान! बाजार में बिक रहे हैं नकली Mi प्रोडक्ट, बेंगलुरु और चेन्नई से 33 लाख रुपये का सामान जब्त

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हालांकि आयोग ने यह भी कहा कि आधार की वैधता को बरकरार रखने के उच्चतम न्यायालय के हाल ही के फैसले का अध्ययन करने के बाद आधार को वोटर आईडी से जोड़ने पर कोई फैसला किया जाएगा. न्यायमूर्ति एस मणिकुमार और न्यामूर्ति पीटी आशा की खंडपीठ के समक्ष आयोग के वकील निरंजन राजगोपालन ने बताया कि आधार को वोटर आईडी से जोड़ने की परियोजना पर होने वाले व्यय का भी अभी आंकलन किया जाना शेष है.

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पीठ ने आयोग के हलफनामे के आधार पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण और कानून एवं गृह मंत्रालय को भी याचिका में बतौर पक्षकार शामिल करते हुये मामले में सुनवाई की तारीख 29 अक्तूबर तय कर दी. याचिकाकर्ता एम एल रवि ने मतदाता सूची में फर्जीवाड़े और फर्जी मतदाताओं को रोकने के लिये आधार से वोटर आईडी से जोड़ने की मांग की है.