नई दिल्ली: लोकप्रिय लेखक चेतन भगत (Chetan Bhagat) ने हिन्दू मुस्लिम मुद्दों (Hindu Muslim Debate) और बहस पर निशाना साधा है. बढ़ती बेरोजगारी और गिरती जीडीपी के बीच चेतन भगत (Chetan Bhagat) ने कहा कि अगर हम 20 साल तक हिंदू मुस्लिम मुद्दों से ध्यान हटा लें तो अर्थव्यवस्था (Economy) में बड़े बदलाव हो सकते हैं. 2040 तक 10 हज़ार डॉलर (सात लाख से अधिक) प्रति व्यक्ति आय तक पहुँच सकते हैं. चेतन भगत ने ये भी कहा कि इतनी कमाई के बाद खूब लड़ें, लेकिन मेरा मानना है कि इतनी कमाई के बाद हम नहीं लड़ेंगे.

इसे पहले भी साध चुके हैं निशाना
ये पहला मौका नहीं है जब चेतन भगत ने मौजूदा हालात पर कोई बात कही है. इससे पहले भारत सरकार पर निशाना साध चुके हैं. बढ़ती बेरोजगारी (Unemployment in India) और गिरती जीडीपी के लिए वह केंद्र सरकार पर निशाना साध चुके हैं. वह ट्वीट कर कह चुके हैं कि मैं चाहता हूं कि जीडीपी का धर्म होना चाहिए. अगर ऐसा होता तो सभी इसका ख्याल रखते.

नागरिकता क़ानून को बता चुके हैं भेदभावपूर्ण
चेतन भगत एनआरसी (National Register of Citizenship) और नागरिकता क़ानून (Citizenship Amendment Act) की भी आलोचना कर चुके हैं. वह इसे दुर्भाग्यपूर्ण और बांटने वाला बता चुके हैं. वह एनआरसी से बाहर होने वालों के लिए नागरिकता कानून को बढ़िया बता चुके हैं जबकि वह ये भी कह चुके हैं मुस्लिमों के लिए इसके बाद भी मुश्किल होगी.