रायपुर: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलरामजी दास टंडन को मंगलवार को बेचैनी की शिकायत के बाद रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया. राज्यपाल के सचिव सुरेंद्र कुमार जायसवाल ने बताया कि टंडन  सुबह बेचैनी महसूस कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें यहां स्थित डॉ. बी आर अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया. जायसवाल ने बताया कि उन्हें अस्पताल की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में रखा गया है और उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है. उन्होंने इससे अधिक जानकारी नहीं दी। Also Read - दिल्ली के अस्पतालों में केवल दिल्लीवालों के लिए रिजर्व होने चाहिए बेड, क्या आप अरविंद केजरीवाल के इस बयान से सहमत हैं?

बता दें कि इस साल छत्तीसगढ़ के राज्यपाल टंडन ने भारी भरकम सैलरी लेने से मना कर दिया था . राज्यपाल बलरामजी दास टंडन ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ के महालेखाकार को मई 2018 को पत्र लिखकर पुराना वेतनमान 01 लाख 10 हजार रुपए ही लेने की इच्छा जताई है. राज्यपाल के पत्र के आधार पर उनका वेतन 1 लाख 10 हजार ही करने पर महालेखाकार द्वारा सहमति प्रदान की गई थी. Also Read - International Sex Workers Day: क्यों मनाया जाता है इंटरनेशनल सेक्स वर्कर्स डे? कोरोना की मार झेल रही हैं भारत की 6,37,500 सेक्स वर्कर

दरअसल, साल 2018 के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यों के गवर्नरों की सैलरी में भारी बढ़ोत्तरी की थी. इसमें राज्यों के गर्वनरों की तीन लाख पचास हजार रुपए प्रतिमाह की गई थी.जबकि पहले गवर्नरों की सैलरी एक लाख दस हजार रुपएथी. सैलरी में हुए इस तीन गुना इजाफे को छत्‍तीसगढ़ के गर्वनर बलरामजी दास टंडन ने लेने से इनकार कर दिया है. Also Read - लॉकडाउन के चलते इस राज्य के मंदिरों को हुआ 600 करोड़ का नुकसान, सालाना आय में आई बड़ी कमी

टंडन जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. जनसंघ बाद में भारतीय जनता पार्टी बन गया. टंडन को जुलाई 2014 में छत्तीसगढ़ का राज्यपाल बनाया गया. अपने लंबे राजनीतिक कॅरियर में टंडन पंजाब के उप मुख्यमंत्री सहित विभिन्न पदों पर रहे. 6 बार विधायक रहे टंडन आपातकाल के दौरान 1975 से 1977 तक जेल में भी बंद रहे थे.