छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के बरदुली-धनेली गांव में बाघ की दस्तक से दहशत का माहौल है। खेत में काम कर रहे तीन ग्रामीणों ने बाघ की एक झलक देखी है। इसके बाद से इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं। बाघ की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, वन विभाग और टाइगर रिजर्व के अधिकारी बरदुली गांव पहुंच गए। घंटों खोजने के बाद एक खेत में बाघ के पंजे का निशान मिला है। इसके बाद अलर्ट जारी कर ग्रामीणों को घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। साथ ही इलाके में पुलिस और वनकर्मी भी तैनात कर दिए गए हैं।यह  भी पढ़े :सईद की हालत नाजुक, आईसीयू में Also Read - Tiger Swimming with Trainer Video: स्विमिंग पूल में चीतों के साथ नहाता है ये शख्स, दोस्ती का Viral Video देख रह जाएंगे दंग

मुंगेली वनमंडल के डीएफओ विजया र्कुे के मुताबिक, बरदुली गांव के पास बाघ देखे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को सचेत रहने के लिए कहा गया है। वन विभाग की टीम अभी गांव में ही मौजूद है।बुधवार सुबह 10 से 11 बजे के बीच धनेली के एक ग्रामीण ने खेत में काम करते हुए बाघ को देखा था। वह भागकर गांव पहुंचा और अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। हालांकि उसकी बात पर किसी ने भरोसा नहीं किया। कुछ देर बाद बरदुली के दो अन्य ग्रामीणों ने भी बाघ को देखा, जिसके बाद आसपास के लोग दहशत में आ गए। Also Read - Video: मुंबई की इस कॉलोनी में दिखा तेंदुआ, मचा हड़कंप, फिर ये हुआ...

इसकी सूचना मुंगेली जिला प्रशासन, पुलिस, वन विभाग को दी गई। इसके बाद एसपी, डीएफओ और अन्य अधिकारी इस क्षेत्र में पहुंचे। बचाव दल को भी बुलाया गया। इसके बाद बाघ की तलाशी की गई। करीब से चार से पांच किमी के दायरे में खोजने पर भी बाघ नजर नहीं आया। बाघ के पैरों के निशान से विशेषज्ञों ने इसकी मौजूदगी की पुष्टि कर दी है।इस इलाके से करीब 25 से 30 किलोमीटर की दूरी पर कान्हा-अचानकमार टाइगर रिजर्व का क्षेत्र शुरू हो जाता है। माना जा रहा है कि बाघ कान्हा टाइगर रिजर्व से भटककर यहां पहुंच गया होगा। Also Read - सीएम भूपेश बघेल ने पीएम मोदी को फिर लिखा पत्र, कोरोना से निपटने के लिए 30 हजार करोड़ रूपये मांगे