रायपुर: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों के हमले में पुलिस के 7 जवान शहीद हो गए. नक्सलियों ने रविवार को बारूदी सुरंग में विस्फोट कर पुलिस के एक वाहन को उड़ा दिया जिससे ये हादसा हो गया. दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के किरंदुल थाना क्षेत्र के अंतर्गत किरंदुल और चोलनार गांव के मध्य नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर पुलिस वाहन को उड़ा दिया है. इस घटना में पुलिस के सात जवान शहीद हो गए हैं.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में किरंदुल से पालनार गांव के मध्य सड़क निर्माण कराया जा रहा है. निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए सुरक्षा बल को तैनात किया गया था. पुलिस दल के जवान सामग्री वाले वाहन के पीछे एक जीप में सवार थे. पुलिस का वाहन जब किरंदुल से चोलनार गांव के मध्य एक नाले के करीब पहुंचा तब नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया.

खतरनाक था विस्फोट
उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने इस विस्फोट के लिए भारी मात्रा में विस्फोटक का इस्तेमाल किया था. विस्फोट इतना खतरनाक था कि पुलिस की गाड़ी कुछ फुट ऊपर तक उछल गई और घटनास्थल पर बड़ा गड्ढा हो गया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने पुलिस दल के छह हथियार भी लूट लिए हैं. जिसमें दो एके 47 राइफल, दो इंसास राइफल और दो एसएलआर शमिल हैं.

उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल के लिए अतिरिक्त पुलिस दल रवाना किया गया और शहीद जवानों के शवों और घायल जवानों को वहां से बाहर निकालने की कार्रवाई की गई. घायलों को किरंदुल के एनएमडीसी के अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटनास्थल पर पांच जवान शहीद हुए थे जबकि इलाज के दौरान दो अन्य जवानों ने भी दम तोड़ दिया.

ये जवान हुए हैं शहीद
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के 16 वीं बटालियन के चार पुलिसकर्मी हवलदार विक्रम यादव, आरक्षक राजेश कुमार सिंह, रविनाथ पटेल और अर्जुन राजभर और जिला बल के तीन पुलिसकर्मी हवलदार रामकुमार यादव, आरक्षक टिकेश्वर ध्रुव और सहायक आरक्षक शालिक राम सिन्हा शहीद हुए हैं.

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पिछले दिनों पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले और ओडिशा के मल्कानगिरि जिले तथा छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी जिसमें कई नक्सली मारे गए थे. इस नुकसान से नक्सली बौखलाए हुए हैं और बदला लेने के लिए उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है.

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिया गया है और हमलावर नक्सलियों की खोज शुरू कर दी गई है. नक्सलियों ने इस घटना को तब अंजाम दिया है जब केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज उत्तर क्षेत्र के जिले सरगुजा में हैं. सीआरपीएफ के बस्तरिया बटालियन के पासिंग आउट परेड में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना की निंदा की है. राजनाथ सिंह ने कहा, ”ये एक दुखद घटना है कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 6 जवान शहीद हो गए. नक्सलियों ने जवानों से आमने सामने लड़ने की बजाए छुप कर आईईडी ब्लास्ट का सहारा लिया.”

राज्य के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भी दंतेवाड़ा जिले में नक्सली वारदात की निंदा की है. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इस घटना में पुलिस बल के जवानों की शहादत पर गहरा दुःख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पुलिस बल के जवानों ने सड़क निर्माण में सुरक्षा देने के लिए कर्त्तव्य पालन करते हुए अपने प्राणों की आहूति दी है. उनकी यह शहादत हमेशा याद रखी जाएगी.’’

सिंह ने कहा है कि यह नक्सलियों की कायरतापूर्ण हरकत है. इससे यह भी साबित होता है कि नक्सली इस जिले के ग्रामीणों और आदिवासियों तक सड़क जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं पहुंचने देना चाहते. इससे उनकी जन-विरोधी और विकास विरोधी मानसिकता उजागर होती है. इसके बावजूद हमारे पुलिस बल और सड़क निर्माण से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों का मनोबल बहुत ऊंचा है.

(इनपुट: एजेंसी)