नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा को बुधवार दोपहर एक बजे तक मुख्यमंत्री पद के लिए उसके उम्मीदवार के नाम की घोषणा करने की चुनौती दी और कहा कि वह उनके साथ सार्वजनिक तौर पर बहस करने के लिए तैयार हैं. केजरीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं कर भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री अमित शाह दिल्ली के लोगों से ‘‘ब्लैंक चेक’’ मांग रहे हैं .Also Read - राज्यसभा में कांग्रेस की बढ़ जाएंगी सीटें, इस चुनाव में पी चिदंबरम समेत कई सीनियर नेता दावेदार

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को पार्टी का घोषणापत्र जारी करने के बाद कहा कि अगर भाजपा ऐसा नहीं करती है तो वह अगले कदम की घोषणा करने के लिए प्रेस से मिलेंगे. उन्होंने संवाददताओं से कहा, ‘‘दिल्लीवासी चाहते हैं कि भाजपा अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा करे. यदि भाजपा कल दोपहर एक बजे तक मुख्यमंत्री पद के अपने उम्मीदवार की घोषणा कर देती है तो मैं उनके साथ सार्वजनिक रूप से बहस करने के लिए तैयार हूं. हम उसके लिए तौर तरीके तय कर लेंगे.’’ Also Read - आशीष मिश्रा को क्या हाईकोर्ट से फिर मिलेगी बेल, 30 मई को जमानत याचिका पर होगी सुनवाई

आप प्रमुख ने कहा कि भाजपा चर्चा के लिए स्थान तय कर सकती है . लोकतंत्र में लोगों को सवाल पूछने का मौका मिलना चाहिए . केजरीवाल ने कहा कि शाह लोगों को बता रहे हैं कि अगर दिल्ली में भगवा पार्टी को जनादेश मिला तो वह बाद में चेक पर मुख्यमंत्री का नाम भरेंगे . आप प्रमुख ने कहा, ‘‘लोकतंत्र में लोग मुख्यमंत्री को चुनते हैं, अमित शाह नहीं …अगर अमित शाह ने मुख्यमंत्री पद के लिए किसी अशिक्षित को चुन लिया तो यह दिल्ली के लोगों से धोखा होगा . ’’ Also Read - महाराष्ट्र में ओबीसी रिजर्वेशन के मुद्दे पर सियासत तेज, पंकजा मुंडे ने एमवीए सरकार पर बोला हमला

वहीं, दिल्ली कैंट में एक रैली में शाह ने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित करने के लिए भाजपा को केजरीवाल द्वारा दी गयी चुनौती को तवज्जो नहीं दी. भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी का कोई भी नेता यह कर सकता है, दिल्ली का हर नागरिक भाजपा के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार है.

दिल्ली में आठ फरवरी को मतदान है और चुनाव परिणाम की घोषणा 11 फरवरी को की जाएगी. केजरीवाल ने कहा, ‘‘मैं हर जगह लोगों से कहता हूं कि आपका हर एक वोट केजरीवाल को जाएगा . लोग जानना चाहते हैं अगर वे चुनाव में भाजपा को समर्थन करेंगे तो उनका वोट कहां जाऐगा. अगर उनके पास मुख्यमंत्री उम्मीदवार नहीं है तो इसका मतलब है कि लोगों का भाजपा को दिया जाने वाला वोट बर्बाद हो जाएगा.’’