नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए सोमवार को ‘मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना’ को मंजूरी दे दी जिसके तहत दिल्ली सरकार हर साल 77 हजार तीर्थयात्रियों का खर्च वहन करेगी. दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच सत्ता के टकराव के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कुछ दिन बाद मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल अनिल बैजल की सभी आपत्तियों को दरकिनार कर दिया. सीएम केजरीवाल ने ट्वीट किया, ”मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना मंजूर. सभी आपत्तियां दरकिनार.”Also Read - सीनियर सिटीजंस को बैंकों का तोहफा, अब 30 जून तक FD पर मिलता रहेगा ज्यादा ब्याज, देखें तस्वीरें

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उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने यहां मीडिया के समक्ष इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने चार जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले में दिल्ली सरकार को दी गई शक्तियों का प्रयोग कर यह फैसला लिया. गहलोत ने कहा, “तीर्थयात्रा करने के इच्छुक लोगों को मतदाता पहचान पत्र और क्षेत्र के विधायक से सिफारिश करानी होगी। इस योजना के लिए किसी आय मानदंड की जरूरत नहीं होगी, लेकिन पहले-आओ, पहले-पाओ के आधार पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को वरीयता दी जाएगी.” Also Read - Air India का खास ऑफर, Flights में अब लगेगा हाफ टिकट, जानें किसको मिलेगा ये फायदा...

खास बातें
– आवेदन ऑनलाइन प्राप्त किए जाएंगे और तीर्थयात्रियों का चयन ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा
– क्षेत्र के विधायक को प्रमाणित करना होगा कि इच्छित लाभार्थी दिल्ली का है
– प्रत्येक तीर्थयात्री को एक लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा
– यह तीर्थयात्रा तीन दिन और दो रात की होगी
– इसमें तीर्थयात्रियों को इच्छानुसार एक तीर्थस्थल पर ले जाया जाएगा
– हर साल करीब 77 हजार वरिष्ठ नागरिक इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे
– केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन और स्वायत्त निकाय के कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे
– दिल्ली कैबिनेट ने जनवरी में राजस्व विभाग की योजना को शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी
– कैबिनेट के प्रस्ताव पर उप राज्यपाल कार्यालय ने आपत्ति जताते हुए इस पर रोक लगा दी थी.

60 साल से अधिक उम्र वाले अटेंडर के साथ जा सकेंगे
बता दें कि इस योजना के तहत दिल्ली के 60 साल से अधिक उम्र के लोग पात्र होंगे. सरकार ने कहा कि योजना के तहत चयनित लोगों को 18 साल या इससे अधिक उम्र का एक अटेंडेंट साथ ले जाने की अनुमति दी जाएगी और उनका खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी.

हर विधानसभा क्षेत्र से 11 सौ सीनियर सिटिजन को फ्री तीर्थयात्रा
इसके अनुसार दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों से हर साल 1,100-1,100 वरिष्ठ नागरिक नि : शुल्क तीर्थयात्रा कर सकेंगे. सरकार ने कहा कि इसके तहत तीर्थयात्रा की अवधि तीन दिन दो रात की होगी.
यहां के धार्मिक स्थल की यात्रा
नि : शुल्क तीर्थयात्रा योजना के तहत दिल्ली निवासी वरिष्ठ नागरिक दिल्ली – मथुरा – वृंदावन – आगरा – फतेहपुर सीकरी – दिल्ली , दिल्ली – हरिद्वार – रिषिकेश – नीलकंठ – दिल्ली , दिल्ली – अजमेर – पुष्कर – दिल्ली , दिल्ली – अमृतसर – वाघा बॉर्डर – आनंदपुर साहिब – दिल्ली , और दिल्ली – वैष्णो देवी – जम्मू – दिल्ली मार्गों पर धार्मिक यात्रा कर सकेंगे.

एक शपथ पत्र काफी, बीमा भी होगा
सरकार ने एक बयान में कहा,” आवेदकों को स्व – प्रमाणित प्रमाणपत्र देना होगा कि उनके द्वारा दी गई सभी सूचना सही है और उन्होंने पूर्व में योजना का लाभ नहीं उठाया है.” बयान में कहा गया, ” तीर्थयात्रा के लिए चयनित लोगों का एक – एक लाख रुपए का बीमा होगा.” (इनपुट- एजेंसी)