श्रीनगर। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत आज आतंकियों के हाथों मारे गए जवान औरंगजेब खान के परिजनों से मिलने पुंछ में उनके घर पहुंचे. गुरुवार 14 जून को आतंकियों ने औरंगजेब को पुलवामा से अगवा कर लिया था और फिर रात को उसका गोलिया से छलनी शव बरामद हुआ था. आर्मी चीफ ने औरंगजेब के पिता और दूसरे रिश्तेदारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी. औरंगजेब के पिता ने कहा कि आर्मी चीफ उनका दुख दर्ज जानने आए थे. Also Read - पुलवामा हमले के सिलसिले में एनआईए ने पिता-पुत्री को किया गिरफ्तार

सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनरल रावत पुंछ जिले के सुदूर सलानी गए और शहीद राइफलमैन के परिवार से कहा कि सेना दुख की इस घड़ी में उनके साथ है. रावत ने शहीद सैनिक के परिवार से मुलाकात की और औरंगजेब के माता-पिता के साथ 30 मिनट रहे. शहीद के परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जम्मू-कश्मीर सरकार और सेना से राज्य से आतंकवाद खत्म करने और औरंगजेब की शहादत का बदला लेने की भावुक अपील की थी. Also Read - पुलवामा अटैक: NIA के हाथ लगी बड़ी सफलता, पुलवामा हमले में शामिल जैश ए मोहम्मद का आतंकवादी गिरफ्तार

ईद मनाने गांव जा रहा था औरंगजेब

14 जून को औरंगजेब जब ईद की छुट्टी मनाने अपने गांव जा रहा था तभी आतंकियों ने उसका अपहरण कर लिया था. कुछ घंटे बाद पुलवामा में औरंगजेब का शव बरामद हुआ था. आतंकियों ने एक वीडियो भी जारी किया जिसमें वह औरंगजेब से सवाल जवाब कर रहे हैं. इस वीडियो में औरंगजेब भी निडरता से आतंकियों से सवालों का जवाब देते दिख रहा था. इस घटना के बाद से औरंगजेब के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. पिता ने कहा था कि अगर सरकार आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो वह खुद बदला लेने के लिए निकल पड़ेंगे.

एकतरफा सीजफायर का ऐलान किया था

रमजान के चलते केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में एकतरफा सीजफायर का ऐलान किया था. इसी दौरान ईद से ठीक दो दिन पहले ये घटना हुई. आतंकियों ने निहत्थे औरंगजेब को बेरहमी से मार डाला. इसी दिन कश्मीर में एक और बड़ी घटना हुई जिसने सभी को हिलाकर रख दिया. आतंकियों ने राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. वह इफ्तार पार्टी में शिरकत करने कहीं जा रहे थे तभी प्रेस कॉलोनी में हमलावरों ने उन्हें अपना शिकार बना लिया. इस हमले में उनके दो सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हुई थी. हालांकि, ईद के खत्म होते ही सरकार ने सीजफायर खत्म कर दिया है.

इन दो बड़ी घटनाओं के बाद सरकार की ओर से घोषित एकतरफा सीजफायर पर सवाल उठ खड़े हुए थे. पूरे रमजान के दौरान आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे सके, लेकिन ईद के दो दिन पहले ही बड़े पत्रकार शुजात बुखारी और निडर जवान औरंगजेब की हत्या कर कश्मीर को सुर्खियों में ला दिया. इन घटनाओं ने फिर सवाल खड़ा कर दिया कि कश्मीर में मौत का खेल कब तक जारी रहेगा.