कोच्चि: सबरीमाला के प्रमुख पुजारी कंडारारू राजीवारू ने कहा कि सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश को अनुमति देने वाला सुप्रीम कोर्ट का फैसला निराशजनक है, लेकिन तंत्री परिवार इसे स्वीकार करेगा. तंत्री केरल में हिंदू मंदिरों का वैदिक प्रमुख पुजारी होता है. त्रावणकोर देवोस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष ए पद्मकुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई के बारे में निर्णय लिया जाएगा. Also Read - COVID-19: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- निजी लैब्स में भी मुफ्त में हो कोरोना की टेस्टिंग

Sabarimala Temple Case: 4 जजों से अलग है जस्टिस इंदु की राय, नहीं चाहती थीं कि महिलाओं को मिले एंट्री Also Read - कोरोना वायरस के बारे में सही सूचना के लिये 24 घंटे में पोर्टल बनाये केन्द्र: सुप्रीम कोर्ट

पद्मकुमार ने कहा कि बोर्ड ने न्यायालय को सूचित किया था कि वे मौजूदा नियम को जारी रखना चाहते हैं, लेकिन अब इस फैसले को लागू करने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है. उन्होंने कहा कि बोर्ड शीर्ष न्यायालय के आदेश को लागू करने के लिए कदम उठाएगा. उन्होंने कहा कि फैसले का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करेंगे. अयप्पा धर्म सेना के अध्यक्ष राहुल ईश्वर ने कहा कि वे पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे. ईश्वर सबरीमाला के पुजारी दिवंगत कंडारारू महेश्वरारू के पोते हैं. महेश्वरारू का इस साल मई में निधन हो गया था. Also Read - Covid-19: कोरोना के चलते मजदूरों का पलायन, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- 23 लाख लोगों को दे रहे हैं खाना