कटक: बच्चे की उम्र सिर्फ 15 महीने है. इसके बाद भी मासूम के प्रति माँ ने ऐसा रूप दिखाया कि वीडियो देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गये. मासूम को बेरहमी से पीटने की घटना से कोर्ट भी दंग रह गई. ऐसा बहुत कम होता है कि इतने छोटे बच्चे को पिता के सुपुर्द करने को कहा जाए, लेकिन मां द्वारा यातना दिए जाने को देखते हुए कोर्ट ने ऐसा ही किया है. Also Read - Pradhan Mantri Awas Yojana: बाराबंकी में फर्जीवाड़े का खुलासा, अफसरों ने इस तरह बांट दिए थे घर

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने 15 महीने के बच्चे को पिता के सुपुर्द करने की अनुमति दे दी है. अदालत ने फैसला देते हुए टिप्पणी की कि मां के साथ अलग रहना बच्चे के मानसिक, शारीरिक विकास के लिए हानिकारक हो सकता है और उस पर मानसिक रूप से नकारात्मक असर डाल सकता है, लेकिन माँ बच्चे को नहीं संभाल रही है और लगातार प्रताड़ित कर रही है. Also Read - ट्रैक्टर रैली में मारे गए किसान के दादा ने खटखटाया हाईकोर्ट, पुलिस पर गोली चलाने का आरोप

अदालत ने यह निर्देश उस वीडियो को संज्ञान में लेते हुए लिया जिसमें मां बच्चे को बुरी तरह से पीट रही है और लगातार यातना दे रही है. न्यायमूर्ति एसके मिश्रा और न्यायमूर्ति सावित्री राठो की खंडपीठ ने पुरी जिला निवासी चक्रधर नायक की बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका स्वीकार करते हुए पत्नी को निर्देश दिया कि वह सात दिनों के भीतर बच्चे को पिता के सुपुर्द करे. अदालत ने निर्देश दिया, ‘‘अगर महिला सात दिन में ऐसा नहीं करती है तो पुलिस उचित कार्रवाई कर बच्चे को उससे लेकर पिता के सुपुर्द करे.’’ Also Read - हाईकोर्ट का बड़ा फैसला- 18 साल से कम आयु की मुस्लिम लड़की अपनी पसंद से कर सकती है शादी