बीजिंग: चीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दावोस में बुधवार को दिए गए भाषण का स्वागत किया है. मोदी ने अपने संबोधन में संरक्षणवाद को ‘आतंकवाद की तरह ही खतरनाक’ बताया था. इसके साथ ही चीन ने वैश्वीकरण की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए भारत के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है. Also Read - ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार का दावा, मेरी बेटी को हिरासत में लेना चाहता था चीन, मिली थी धमकी

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मोदी ने अपने संबोधन में दुनिया के समक्ष आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर चिंता जताई थी. वह दो दशक में दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की शिखर बैठक को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री है. उन्होंने कहा, ‘‘कई देश आत्मकेंद्रित बन रहे हैं और वैश्वीकरण सिकुड़ रहा है. इस तरह का रुख आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन से कम खतरनाक नहीं है. Also Read - चीन ने दूसरे दिन ताइवान के जलडमरु मध्‍य के ऊपर 19 फाइटर जेट उड़ाए, US को लेकर दी धमकी

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चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुवा चुनयिंग ने यहां मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘मैंने देखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने संरक्षणवाद के खिलाफ बोला है जिससे पता चलता है कि वैश्वीकरण समय का रुख है और यह सभी देशों के हितों को पूरा करता है और संरक्षणवाद के खिलाफ लड़ने तथा वैश्वीकरण का समर्थन करने की जरूरत है.’’

उन्होंने कहा कि चीन वैश्वीकरण की प्रकिया को और मजबूत करने के लिए भारत और अन्य देशों के साथ काम करना चाहता है. चीन के इस हैरान करने वाले बयान से पहले आधिकारिक मीडिया ने भी विश्व आर्थिक मंच  में मोदी के संबोधन की सराहना की थी. ग्लोबल टाइम्स ने मोदी के संबोधन की तस्वीर पहले पृष्ठ पर प्रकाशित की है.