नई दिल्ली: भारत और चीन के साथ पूर्वी लद्दाख की सीमा पर तनाव जारी है. दोनों देश ने भारी संख्या में LAC पर अपने जवानों की तैनाती की हुई है. ऐसे में चीन लगातार एक के बाद एक नया प्रॉपेगैंडा लेकर आ रहा है. इस बार चीन ने भारत के हाल ही में फ्रांस से आए राफेल विमान को मारने की बात कही है. आपको ये बात सुनकर हंसी आएगी कि चीन ने हाल में ही एक युद्धाभ्यास कर दावा किया कि उसके कथित स्टील्थ फाइटर J-20 ने राफेल विमान को 17.0 से मात दी है. Also Read - चीन बोला- लद्दाख में बुनियादी ढांचे के निर्माण का विरोध करते हैं, भारत ने किया पलटवार

बता दें कि ये केवल एक मॉक ड्रिल थी और चीन इसी से इतना खुश हो रहा है. वैसे इससे एक बात तो साफ है कि चीन भारत के नए राफेल विमानों से डरा हुआ है. मॉक ड्रिल से खुश होते हुए चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि इससे एक बार फिर साबित होता है कि J-20 भारत के राफेल पर भारी पड़ेगा. Also Read - भारत ने LAC पर चीन के 1959 के रुख को किया खारिज, कड़ी आपत्ति जताते हुए दिया बड़ा बयान

प्रॉपेगैंडा फैलाने के लिए फेमस चीन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, “पीएलए की पूर्वी थिएटर कमांड के वांग हाई एयर ग्रुप से जुड़े एक युवा पायलट चेन शिनहाओ ने अपने साथियों के साथ तालमेल बनाते हुए विरोधियों के 17 फाइटर जेट्स को मार गिराया. इस दौरान चीनी सेना के किसी भी विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.” ग्लोबल टाइम्स की ये खबर काफी हास्यास्पद है क्योंकि ये कोई वॉर नहीं था जो किसी को असली नुकसान पहुंचता. मॉक ड्रिल से चीन इतना खुश हो रहा है. Also Read - चीन के साथ 'न युद्ध की स्थिति न शांति की', मगर किसी भी दुस्साहस का जवाब देने को हम तैयार: वायुसेना प्रमुख

बता दें कि फ्रांस द्वारा निर्मित बहु भूमिका वाले पांच राफेल लड़ाकू विमानों को बृहस्पितवार को यहां हुए शानदार समारोह में भारतीय वायु सेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया. यह भारत की वायु शक्ति की क्षमता को ऐसे समय में बढ़ा रहा है जब देश पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद में उलझा हुआ है. राफेल विमान कई शक्तिशाली हथियारों को साथ ले जा सकने में सक्षम है. नजर आने की रेंज से परे हवा से हवा में मार करने वाली (बीवीआरएएएम) यूरोपीय मिसाइल निर्माता एमबीडीए की मीटियोर मिसाइल और स्काल्प क्रूज मिसाइल राफेल विमानों के हथियार पैकेज का मुख्य आधार होगा.

बता दें कि भारत के राफेल के सामने चीन का जे- 20 कहीं भी नहीं ठहरता है. खुद भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ (रिटायर्ड) ने कहा था कि राफेल से चाइनीज जे- 20 का मुकाबला तो दूर, वह राफेल की खूबियों के सामने इतना बौना है कि दोनों की तुलना करना ही बेमानी है.