नई दिल्ली/लद्दाख: लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास डेढ़ महीना पहले भारतीय सेना के साथ हुए झड़प के बाद अब चीनी सेना पीछे हट गई है, लेकिन उसने पोंगोंग सो क्षेत्र में कई नए निर्माण किए हैं. यह जानकारी नवीनतम सेटेलाइट इमेज से प्राप्त हुई है. Also Read - श्रीदेवी की बेटी Khushi Kapoor ने पर्पल बिकिनी में फ्लॉन्ट की टोन्ड बॉडी, दिखाई 'पूल डे' की झलक

इस महीने की शुरुआत में, दोनों देश गलवान घाटी में पेट्रोल पोस्ट 14 (पीपी14) से पीछे हट गए थे, जहां 15 जून को हुए हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे और अज्ञात संख्या में चीनी जवान मारे गए थे. गलवान घाटी में दोनों तरफ 3 किलोमीटर का बफर जोन बनाया गया, लेकिन पेंगोंग सो क्षेत्र में तनाव जारी रहा. Also Read - Chhattisgarh: शादी में आए तीन युवक ने दो लड़कियों से किया रेप, कार में घुमाने का झांसा देकर ले गए थे जंगल

मेक्सर से आईएएनएस द्वारा प्राप्त 15 जुलाई के सेटेलाइट इमेज में दिख रहा है कि फोक्सहोल प्वाइंट पर चीनी निर्माण हो रहा है, वहां पीएलए ने कई तारपॉलिन टेंट लगाए हैं. Also Read - French Open के बाद विंबलडन से हटीं नाओमी ओसाका; टोक्यो ओलंपिक पर नजर

एक वरिष्ठ रक्षा विशेषज्ञ ने आईएएनएस से पुष्टि करते हुए कहा कि यह स्पष्ट है कि ये चीनी टेंट हैं, क्योंकि पीएलए का टेंट लाल तारपॉलिन का है और यह चीन की तरफ है. इसके अलावा पीएलए स्क्वायर टेंट और भारत इग्लू व राउंड शेप टेंट का प्रयोग करता है.

सेटेलाइट इमेज में भारतीय टेंटों की दो बड़ी स्थापनाएं भी दिखती है, ऊपर का सफेद क्लस्टर इग्लू आकार का है और निचला हरा क्लस्टर गोल शेप का है.

विशेषज्ञ ने कहा, “कई और टेंट भी एलएसी को चिह्न्ति करते हुए फिंगर 4 की ऊंचाई पर दिखाई देते है, जहां के बारे में गूगल अर्थ बताता है कि यही एलएसी है.”