नई दिल्ली/लद्दाख: लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास डेढ़ महीना पहले भारतीय सेना के साथ हुए झड़प के बाद अब चीनी सेना पीछे हट गई है, लेकिन उसने पोंगोंग सो क्षेत्र में कई नए निर्माण किए हैं. यह जानकारी नवीनतम सेटेलाइट इमेज से प्राप्त हुई है. Also Read - सुशांत की एक्स मैनेजर दिशा सालियन की मौत की जांच भी CBI से कराने सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका

इस महीने की शुरुआत में, दोनों देश गलवान घाटी में पेट्रोल पोस्ट 14 (पीपी14) से पीछे हट गए थे, जहां 15 जून को हुए हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे और अज्ञात संख्या में चीनी जवान मारे गए थे. गलवान घाटी में दोनों तरफ 3 किलोमीटर का बफर जोन बनाया गया, लेकिन पेंगोंग सो क्षेत्र में तनाव जारी रहा. Also Read - Kajari Teej 2020 Katha: आज कजरी तीज, जानें इस व्रत से जुड़ी कथा और इसका महत्व

मेक्सर से आईएएनएस द्वारा प्राप्त 15 जुलाई के सेटेलाइट इमेज में दिख रहा है कि फोक्सहोल प्वाइंट पर चीनी निर्माण हो रहा है, वहां पीएलए ने कई तारपॉलिन टेंट लगाए हैं. Also Read - Architect Admission 2020: आर्किटेक्ट में एडमिशन के लिए छात्रों को मिलेगी छूट, अंक प्रतिशत की शर्तें हटाई जाएंगी  

एक वरिष्ठ रक्षा विशेषज्ञ ने आईएएनएस से पुष्टि करते हुए कहा कि यह स्पष्ट है कि ये चीनी टेंट हैं, क्योंकि पीएलए का टेंट लाल तारपॉलिन का है और यह चीन की तरफ है. इसके अलावा पीएलए स्क्वायर टेंट और भारत इग्लू व राउंड शेप टेंट का प्रयोग करता है.

सेटेलाइट इमेज में भारतीय टेंटों की दो बड़ी स्थापनाएं भी दिखती है, ऊपर का सफेद क्लस्टर इग्लू आकार का है और निचला हरा क्लस्टर गोल शेप का है.

विशेषज्ञ ने कहा, “कई और टेंट भी एलएसी को चिह्न्ति करते हुए फिंगर 4 की ऊंचाई पर दिखाई देते है, जहां के बारे में गूगल अर्थ बताता है कि यही एलएसी है.”