नई दिल्ली: भारत से एलएसी पर तनाव पैदा कर रहे चीन ने गलत वक्‍त पर यह चाल चली है और उसके लिए यह मुश्‍किल ला सकती है. यह बात राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के थिंकटैंक और अर्थ विशेषज्ञ स्वामीनाथन गुरुमूर्ति ने कही है. Also Read - Unknown Pneumonia Virus: कोरोना से नहीं इस नई बीमारी से टेंशन में है चीन, कजाकिस्तान में रहने वाले अपने नागरिकों को किया सावधान

भारत- चीन के बीच सीमा पर तनाव के बीच आरएसएस विचारक स्वामीनाथन गुरुमूर्ति ने शनिवार को कहा कि चीन ने अपनी वित्तीय स्थिति अत्यधिक ऋणग्रस्त होने के बावजूद गलत चाल चली है. Also Read - USA-China Trade War: ट्रंप ने चीन के साथ दूसरे चरण के व्यापार सौदे की संभावना को किया खारिज , कही ये बड़ी बात

गुरुमूर्ति ने कहा कि जीडीपी की तुलना में चीन का अनुपातिक ऋण 250 प्रतिशत है. इस तरह के अस्थिर ऋण स्तर और वैश्विक बाजार पर निर्भरता के बीच उसे राजनीति में इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए. Also Read - India Coronavirus live Update: कोरोना से मचा कोहराम, टूटे सारे रिकॉर्ड, 24 घंटे में सामने आए सर्वाधिक 27 हजार से अधिक मामले, पढें रिपोर्ट्स

गुरुमूर्ति ने जेएनयू द्वारा आयोजित ‘कोविड-19: विश्व और भारत’ पर 10वें प्रोफेसर पी एन श्रीवास्तव स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए कहा, ‘चीन ने गलत चाल चली है. उसे पता नहीं है कि ऐसे समय में कैसी चाल चली जाती है.’

राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के थिंकटैंक ने कहा, ‘चीन ने एक साथ कई मोर्चे खोल दिये हैं. विशाल उत्पादन ढांचे के बावजूद उसकी वित्तीय हालत बहुत अच्छी नहीं है, क्योंकि उसका ऋण स्तर काफी अधिक है.’ उन्होंने कहा कि चीन को ऐसी हालत में ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए.

बता दें कि भारत ने लद्दाख की गैलवान घाटी में 15-16 जून की रात को हिंसक आमने-सामने की लड़ाई में एक कर्नल सहित अपने 20 सैन्यकर्मियों को खो दिया है. इससे पहले चीन ने 1967 के संघर्ष के बाद नाथू ला में भारत ने लगभग 80 सैनिकों को खो दिया था, जबकि चीनी पक्ष की मृत्यु 300 से अधिक थी.