पूर्वी लद्दाख (Ladakh) में LAC पर जारी तनाव के बीच चीन ने अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) से लापता हुए पांच युवकों को भारत को सौंप दिया. सेना के सूत्रों ने बताया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLA ने उन पांच भारतीय को सौंप दिया है, जो लापता बताए जा रहे थे. इससे पहले शुक्रवार को केंद्री मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट किया था, ‘चीन की PLA ने भारतीय सेना से इस बात की पुष्टि की है कि वह अरुणाचल प्रदेश के युवकों को हमें सौंप देंगे. उन्हें कल 12 सितंबर को किसी भी समय एक निर्दिष्ट स्थान पर सौंपा जा सकता है.’ Also Read - चीन ने रमजान के दौरान उइगर मुसलमानों को नहीं दी रोजा रखने की अनुमति, मुस्लिम नाम तक रखने पर पाबंदी

किरेन रिजिजू ने पहली बार इसकी सूचना दी थी कि PLA ने इस बात की पुष्टि की थी कि युवक सीमा पार चीन में पाए गए हैं. यह घटना तब सामने आई थी जब एक समूह के दो सदस्य जंगल में शिकार के लिए गए थे और लौटने पर उन्होंने उक्त पांच युवकों के परिवार वालों को जानकारी दी थी कि युवकों को सेना के गश्ती क्षेत्र सेरा-7 से चीनी सैनिक ले गए हैं. यह स्थान नाचो से 12 किलोमीटर उत्तर में स्थित है.

मैकमोहन रेखा पर स्थित नाचो अंतिम प्रशासनिक क्षेत्र है और यह दापोरीजो जिला मुख्यालय से 120 किलोमीटर दूर है. चीनी सेना द्वारा कथित तौर पर अगवा किए गए युवकों की पहचान तोच सिंगकम, प्रसात रिंगलिंग, डोंगतु एबिया, तनु बाकर और नगरु दिरी के रूप में की गई थी. PLA ने बी बीते मंगलवार को कहा था कि चार सितंबर को अपर सुबनसिरी जिले में भारत-चीन सीमा से लापता हुए पांच युवक उन्हें सीमापार मिले थे.

(इनपुट: भाषा)