नई दिल्‍ली: भारत और चीन के बीच पिछले हफ्ते से लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल पर (LAC) तनाव बढ़ गया है. लद्दाख में LAC के पास दिखे चीनी हेलिकॉप्‍टर्स देखे जाने के बाद भारतीय वायुसेना ने अपने लड़कू विमान भेज दिए हैं. बता दें कि पिछले हफ्ते भारत और चीन के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख और दोनों देशों के बीच सीमा से लगे सिक्किम सेक्टर में नाकू ला दर्रे के पास दो तीखी झड़पें हुईं थीं. इसमें दोनों ओर से कई सैनिक घायल हो गए थे. Also Read - चीन का बड़ा आरोप, कहा- द्विपक्षीय संबंधों को 'नए शीत युद्ध' की ओर धकेल रहा है अमेरिका

चीन की इस हिमाकत को देखते हुए भारतीय वायुसेना अलर्ट है और किसी भी हरकत का जवाब देने के लिए तैयार है. Also Read - कोरोना की दवा के बड़े पैमाने पर उत्पादन में भारत को अहम भूमिका निभानी होगी: फ्रांस

बता दें कि बीते 10 मई को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प की खबर आई थी, खबरों के मुताबिक, पूर्वी लद्दाख और सिक्किम सेक्टर में नाकू ला दर्रे के पास दो तीखी झड़पें हुईं थीं. इन झड़पों में दोनों ओर के कई सैनिक घायल हो गए थे. Also Read - जवानों को बंधक बनाने वाली खबर झूठी, सेना ने कहा- ऐसी खबरें राष्ट्रीय हितों को चोट पहुंचती हैं

– पहली झड़प: भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प की पहली घटना बीते 5 मई को देर शाम पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर हुई थी, जिसमें भारतीय जवानों और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी, इसमें दोनों ओर से कई सैनिकों को मामूली चोटें आईं थीं क्योंकि उनके बीच घूंसे चले और उन्होंने एक दूसरे पर पथराव भी किया था. सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प की इस घटना में करीब 200 कर्मी शामिल थे. झड़प के बाद दोनों ओर से अतिरिक्त सैनिक तैनात किए गए.

अगली सुबह बातचीत के बाद खत्‍म हुआ था गतिरोध 
दोनों पक्षों के बीच गतिरोध अगली सुबह बातचीत के बाद खत्‍म हुआ था. इसमें भारत के कितने सैनिकों को चोटें आईं थीं, इस बारे में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी. गौरतलब है कि दोनों देशों के सैनिकों के बीच इस तरह की घटना पैंगोंग झील के पास अगस्त 2017 में हुई थी. उसके बाद यह ऐसी पहली घटना है, जिसमें दोनों ओर के सैनिकों के बीच घूंसे चले हैं.

दूसरी झड़प: हाल ही में   एक अन्य घटना में करीब 150 भारतीय सैनिक और चीनी सैन्य कर्मियों के बीच चीन-भारत सीमा के सिक्किम सेक्टर के नाकू ला दर्रे के पास झड़प हुई थी. इस झड़प में कम से कम 10 सैनिकों को चोटें आईं थी. सूत्रों ने बताया था कि सैनिकों के बीच झड़प हुई और उनके बीच घूंसे भी चले थे .

2017 में डोकलाम में 73 दिन तक गतिरोध चला था
भारत और चीन के सैनिकों के बीच 2017 में डोकलाम ट्राई जंक्शन के पास 73 दिन तक गतिरोध कायम रहा था. उस घटना से परमाणु सम्पन्न दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंकाएं भी उत्पन्न हो गई थीं.

– भारत-चीन सीमा विवाद 3,488 किमी लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर है
– चीन का दावा है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है, जबकि भारत इसका खंडन करता आया है
– दोनों पक्षों का कहना है कि सीमा मुद्दे का हल होने तक सीमा क्षेत्रों में शांति बनाये रखना जरूरी है
– पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने डोकलाम गतिरोध के कुछ महीनों बाद अप्रैल 2018 में चीनी शहर वुहान में पहली अनौपचारिक वार्ता की थी
– वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने निर्णय किया था कि वे अपनी सेनाओं को रणनीतिक मार्गदर्शन जारी करेंगे, जिससे उनमें विश्वास और समझ का निर्माण हो सके
– मोदी और शी के बीच दूसरा अनौपचारिक शिखर सम्मेलन पिछले साल अक्टूबर में चेन्नई के पास मामल्लापुरम में हुआ था, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को और व्यापक बनाने पर जोर दिया गया था