India-China Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने विदेश दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं, इस बार वो जापान और चीन की यात्रा कर रहे हैं. चीन और भारत के बीच बीते कुछ वर्षों से रिश्तों में आई खटास के बाद पीएम मोदी का ये पहला चीन दौरा है, जहां वो 31 अगस्त से 1 सितंबर तक रहेंगे. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ अटैक के बाद भारत और चीन के बीच बढ़ी ये नजदीकियां यूएस के लिए झटका है. इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में एक सीक्रेट लेटर का काफी जिक्र हो रहा है, जो कथित तौर पर पीएम मोदी के दौरे पर पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के प्रधानमंत्री को लिखा था. आखिर उस चिट्ठी में ऐसा क्या था, जिसे पढ़कर पीएम मोदी खुद को चीन जाने से रोक नहीं पाए.
भारतीय अधिकारी ने किया खुलासा!
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वर्ल्ड पॉलिटिक्स में उश समय अचानक हलचल पैदा हुई जब खबर आई कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत को एक निजी ‘सीक्रेट लेटर’ भेजा. इस चिट्ठी के बारे में दावा किया गया है कि इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम भेजा गया था, लेकिन जल्दी ही उसका संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी पहुंचा. इस चिट्ठी ने हालात ऐसे बदले कि दोनों देशों के रिश्तों में अचानक गर्मजोशी और मिठास महसूस की गई. नाम ना बताने की शर्त पर एक भारतीय अधिकारी ने खुलासा किया कि शी जिनपिंग का पत्र एक संकेत था कि क्या आने वाले समय में भारत अपने कूटनीतिक समीकरण बदलने के लिए तैयार है?
शी जिनपिंग ने लेटर में क्या लिखा?
यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब चीन से ट्रेड वॉर छेड़ रहे थे और भारत पर भी डबल टैरिफ लागू कर चुके थे, उसी वक्त बीजिंग ने भारत से सीधे डायलॉग शुरू किया. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो सीक्रेट लेटर में शी ने खुलकर लिखा कि अगर अमेरिका-भारत कोई ऐसा समझौता करते हैं जिससे चीन के हित खतरे में पड़ सकते हैं, तो बीजिंग को चिंता होगी. शी ने साथ ही अपने भरोसेमंद अधिकारी का नाम भी साझा किया, जो चीन-भारत आगे की वार्ताओं को संभालेंगे.
गौरतलब है कि कुछ ही हफ्तों में यात्रियों के लिए सीधी फ्लाइट्स शुरु की जाने वाली हैं. चीन ने भारत के लिए यूरिया की शिपमेंट पर रोक हटाई जबकि भारत ने चीनी नागरिकों के टूरिस्ट वीजा फिर शुरू कर दिए. ये सभी कदम भारत और चीन के बीच रिश्तों में आई खटास को दूर करने की ओर संकेत कर रहे हैं.
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