नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा विवाद के बीच अब ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारी शुरू हो चुकी है. ब्रिक्स (BRICS) देशों की बैठक का आयोजन इस बार भारत में होने वाला. भारत सरकार इस बार ब्रिक्स देशों की मेजबानी करने वाला है. ऐसे में चीनी राष्ट्रपति शी-जिनपिंग (Xi-Jining) भी भारत आ सकते हैं. सोमवार के दिन चीन ने यह कहा कि भारत में होने वाले ब्रिक्स सम्मेनल का वह समर्थन करते हैं और भारत व अन्य देशों के साथ मिलकर वे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती देना चाहते हैं. Also Read - Tamil Nadu Elections: पीएम मोदी बोले- भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण क्षण में होने जा रहे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव

ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि ब्रिक्स सम्मेलन से पहले अगर कोरोना महामारी नियंत्रण में आ जाती है तो चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी भारत की यात्रा पर आ सकते हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चीनी राष्ट्रपति की मुलाकात भी हो सकती है. बता दें कि सीमा विवाद के बाद यह पहला ऐसा पल होगा जब दोनों देशों के सर्वोच्च नेतृत्व की मुलाकात इस बैठक में होगी. ऐसे में चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा ब्रिक्स बैठक को काफी महत्व दिया जा रहा है. Also Read - Narendra Modi Stadium: अब नरेंद्र मोदी स्टेडियम कहलाएगा मोटेरा स्टेडियम, स्पोर्ट्स एन्क्लेव का नाम सरदार पटेल के नाम पर

सीमा के हालात पर बोलते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि चीन भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन का समर्थन करता है. चीन भारत व अन्य ब्रिक्स के देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है और अर्थव्यवस्था, मानवता और राजनीति इन पहलों को और भी मजबूती प्रदान करना चाहता है. Also Read - PM Narendra Modi आज IIT Kharagpur के दीक्षांत समारोह को करेंगे संबोधित