नई दिल्ली: भारत ने मंगलवार को चीन के इस दृष्टिकोण को खारिज किया कि बीजिंग वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की अवधारणा पर 1959 के अपने रुख को मानता है. भारत ने साथ ही कहा कि पड़ोसी देश तथाकथित सीमा की ”अपुष्ट एकतरफा” व्याख्या करने से बचे. Also Read - जयशंकर की चीन को दो टूक, 'एलएसी पर यथास्थिति में परिवर्तन का कोई भी एकतरफा प्रयास स्वीकार नहीं'

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि चीनी पक्ष पूरी ईमानदारी और विश्वासपूर्वक सभी समझौतों और समझ का पालन करेगा और एलएसी की एकतरफा व्याख्या को आगे बढ़ाने से बचना चाहिए. Also Read - कनाडा 401,000 नए प्रवासियों को स्वीकार करेगा, भारतीय होंगे सबसे बड़े लाभार्थी

बता दें क‍ि पूर्वी लद्दाख में लगभग पांच महीने से चले आ रहे गतिरोध के बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीजिंग एलएसी की अवधारणा के बारे में 1959 के अपने रुख को मानता है. Also Read - भारत ने Su-30MKI fighter से दागी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, जहाज को निशाना बनाया

वहीं,  भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, हमने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन की स्थिति पर एक चीनी विदेश मंत्रालय के बयान के हवाले से रिपोर्ट देखी है. भारत ने तथाकथित एकतरफा परिभाषित 1959 की LAC को कभी स्वीकार नहीं किया है. चीन के बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने मुद्दे पर मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा, ”भारत ने कभी भी 1959 में एकतरफा रूप से परिभाषित तथाकथित वास्तविक नियंत्रण रेखा को स्वीकार नहीं किया है. यह स्थिति बरकरार रही है और चीनी पक्ष सहित सभी इस बारे में जानते हैं.”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने कहा, दोनों पक्ष 2003 तक LAC को स्पष्ट करने और पुष्टि करने की कवायद में लगे थे, लेकिन यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी क्योंकि चीनी ने इच्छा नहीं दिखाई. इसलिए, अब चीनी आग्रह है कि केवल एक LAC उनके द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं के विपरीत है.