दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को पत्रकार राजीव शर्मा, चीनी महिला किंग शी और नेपाली नागरिक शेर सिंह को चीनी जासूसी रैकेट (Chinese Spy Racket) मामले में 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पवन सिंह राजावत ने तीनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया, क्योंकि उन्हें अदालत में उनकी पिछली रिमांड अवधि के खत्म होने पर पेश किया गया था. दिल्ली पुलिस की एक स्पेशल सेल ने 14 सितंबर को 61 वर्षीय भारतीय फ्रीलांस पत्रकार राजीव शर्मा को कथित तौर पर चीनी इंटेलीजेंस के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

यहां पीतमपुरा में शर्मा के घर की तलाशी के दौरान, एक लैपटॉप, भारतीय रक्षा से संबंधित कुछ गोपनीय दस्तावेज और कुछ अन्य अहम कागजात कथित तौर पर जब्त किए गए थे. राजीव शर्मा ने अदालत में एक जमानत याचिका भी दायर की है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी. शर्मा की ओर से वकील अमीश अग्रवाल द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि शर्मा को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है.

उनकी पुलिस रिमांड के दौरान, एक चीनी महिला किंग शी और उसके नेपाली साथी शेर सिंह उर्फ राज बोहरा को भी गिरफ्तार किया गया. स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने कहा था कि इन्हें जासूसी करने के लिए हवाला चैनलों के माध्यम से भारी मात्रा में धनराशि सप्लाई करते पाया गया.

कुछ दिन पहले, एक खुफिया एजेंसी से एक इनपुट मिला था कि नई दिल्ली के पीतमपुरा के सेंट जेवियर अपार्टमेंट में रहने वाले राजीव शर्मा के एक विदेशी खुफिया अधिकारी के साथ संबंध हैं और वह राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी संबंधों के बारे में संवेदनशील जानकारी देने के लिए अवैध तरीके और वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के माध्यम से अपने हैंडलर से धन प्राप्त कर रहे थे. पुलिस ने कहा कि अतीत में भी, शर्मा ने अपने हैंडलरों को रिपोर्ट के रूप में कई दस्तावेज भेजे थे और उनसे शर्मा को अच्छी-खासी रकम मिली थी.