Chinese village in Arunachal? अरुणाचल प्रदेश में चीन के एक गांव बनाने की खबरों पर सतर्कता पूर्वक प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने सोमवार को कहा कि वह देश की सुरक्षा पर असर डालने वाले समस्त घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखता है और अपनी संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाता है. Also Read - भारत में कोरोना संक्रमण ने फिर पकड़ी रफ्तार, 24 घंटे में COVID-19 के 14,989 नए केस आए

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने अपने नागरिकों की आजीविका को उन्नत बनाने के लिए सड़कों और पुलों समेत सीमा पर अवसरंचना के निर्माण को तेज कर दिया. मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया तब आई जब एनडीटीवी चैनल की एक खबर के बारे में पूछा गया था. खबर के अनुसार चीन ने अरुणाचल प्रदेश के विवादित क्षेत्र में एक नया गांव बसाया है और इसमें करीब 101 घर हैं. चैनल ने दावा किया कि यह खबर उसे विशेष रूप से प्राप्त उपग्रह तस्वीरों पर आधारित है. Also Read - Sharjah से Lucknow आ रही IndiGo flight कराची में हुई लैंड, लेकिन यात्री की नहीं बच सकी जान

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘हमने चीन के भारत के साथ लगे सीमावर्ती क्षेत्रों में निर्माण कार्य करने की हालिया खबरें देखी हैं. चीन ने पिछले कई वर्षों में ऐसी अवसंरचना निर्माण गतिविधियां संचालित की हैं.’’ उसने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने भी जवाब में सड़कों, पुलों आदि के निर्माण समेत सीमा पर बुनियादी संरचना का निर्माण तेज कर दिया है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाली स्थानीय आबादी को अति आवश्यक संपर्क सुविधा मिली है.’’ Also Read - अमेरिकी कंपनी का बड़ा दावा, 'लद्दाख में सैन्य संघर्ष के बाद चीनी हैकरों ने मुंबई में किया था ब्लैकआउट'

मंत्रालय ने यह भी कहा कि सरकार अरुणाचल प्रदेश के लोगों समेत अपने नागरिकों की आजीविका को उन्नत बनाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी संरचना के निर्माण के उद्देश्य के लिए प्रतिबद्ध है. उसने कहा, ‘‘सरकार ऐसे सभी घटनाक्रमों पर सतत नजर रखती है जिनका भारत की सुरक्षा पर असर पड़ता हो और वह अपनी संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाती है.’’

एनडीटीवी ने अपनी खबर में इलाके की दो तस्वीरें दिखाईं जिसमें उसने दावा किया कि एक गांव बसाया गया है. चैनल के अनुसार 26 अगस्त, 2019 की पहली तस्वीर में कोई बसावट नहीं दिखाई देती लेकिन नवंबर 2020 की दूसरी तस्वीर में कुछ ढांचे दिखाई देते हैं.

भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर विवाद है. चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता है, वहीं भारत इस दावे को खारिज करता रहा है. भारत और चीन के बीच पिछले करीब आठ महीने से पूर्वी लद्दाख में सीमा मुद्दे को लेकर गतिरोध बना हुआ है.

(इनपुट भाषा)