नई दिल्ली: भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने उत्तर भारत में विशेषकर सर्दियों के दौरान प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिये पंजाब और हरियाणा में 100 गांवों तथा एक लाख एकड़ खेत को गोद लिया है. सीआईआई ने रविवार को इसकी जानकारी दी. सीआईआई ने कहा कि उसने पंजाब में लुधियाना, बरनाला और पाटियाला जिलों तथा हरियाणा में रोहतक, सिरसा और फतेहाबाद जिलों को गोद लिया है. उसका लक्ष्य इन जिलों में पराली जलाने की घटानाओं को समाप्त करना है.

उसने कहा कि पराली जलाने की समस्या के संभव समाधानों के क्रियान्वयन के लिए एक पारिस्थितिकी तैयार की गई है. इसके तहत विशेषज्ञों, कॉरपोरेट, राज्य सरकारों, ग्रामीण समुदायों और कृषक समूहों समेत विभिन्न संबंधित पक्षों को एक साथ लाया जाएगा. उद्योग मंडल ने कहा कि वह 15 हजार से अधिक किसानों को कृषि उपकरण, तकनीकी प्रशिक्षण मुहैया करा रहा है और पंजाब तथा हरियाणा के गोद लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.

सीआईआई ने कहा कि इस मुहिम में उसके साथ पंजाब के तीन हजार से अधिक विद्यार्थी, युवा और कॉरपोरेट स्वयंसेवी जुड़ रहे हैं. सीआईआई ने कहा कि इनमें से कई किसानों ने पहली बार पराली जलाने की वैकल्पिक प्रौद्योगिकी को अपनाया है.

सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, सीआईआई की ‘स्वच्छ वायु, बेहतर जीवन’ मुहिम पराली जलाने की घटना को समाप्त करने में किसानों की मदद करने के लिए सक्षम समाधानों का क्रियान्वयन कर रही है. पिछले साल हमने 19 गांवों में प्रायोगिक तौर पर इस मुहिम की शुरुआत की थी, जिसे अब 100 गांवों तक विस्तार दिया गया है.

(इनपुट-भाषा)