नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन एक्ट (Citizenship Amendment Act) का देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है. पश्चिम बंगाल (West Bengal), असम (Assam) के साथ नगालैंड (Nagaland) में प्रदर्शन से जनजीवन प्रभावित है. वहीं, देश की प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी (Jamia Millia Islamia) में विरोध प्रदर्शन के चलते सेमेस्टर की परीक्षा स्थगित कर दी गई है. जामिया प्रशासन के मुताबिक़ ये परीक्षाएं आज से शुरू होनी थी.Also Read - चक्रवाती तूफान 'जवाद' से बंगाल में भारी बारिश की संभावना, आंध्र प्रदेश के तीन तटीय जिलों में चेतावनी जारी

असम के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने विरोध जारी रखा है. कई इलाकों में कर्फ्यू में थोड़ी ढील दी गई है. प्रदर्शन कर रहे लोग हड़ताल पर भी चले गए हैं. इलाकों में सेना लगी हुई है. पिछले तीन दिन से हो रहे प्रदर्शन के दौरान तीन लोगों को मौत हो गई थी. गुवाहाटी सहित असम के कई इलाकों में इंटरनेट बंद है. वहीं, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में भी बवाल चल रहा है. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. अलीगढ़ में इंटरनेट बंद कर दिया गया है. Also Read - राष्ट्रगान के 'अपमान' पर भड़के शुभेंदु अधिकारी, बोले- जरूरत पड़ी तो ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज कराऊंगा

पश्चिम बंगाल में नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ शनिवार को जारी प्रदर्शन के तहत प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर सड़कें एवं रेल मार्ग बाधित रखे. पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद और उत्तरी 24 परगना जिलों और हावड़ा (ग्रामीण) से हिंसा की खबरें मिली हैं. उन्होंने बताया कि मुर्शिदाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 और जिले की गई अन्य सड़कों को बाधित कर दिया गया. राष्ट्रीय राजमार्ग 34 उत्तरी और दक्षिणी बंगाल को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है. उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा जिले के दोम्जुर इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग छह भी बाधित कर दिया. उन्होंने पहियों में आग लगा दी और कई वाहनों में तोड़ फोड़ की. पुलिस ने बताया कि पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी को स्थिति नियंत्रित करने के लिए मौके पर भेजा गया है. पूर्वी रेलवे के सियालदह-हसनाबाद के बीच रेल सेवाएं भी बाधित हैं. रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनकारी सुबह छह बजकर 25 मिनट से शोंडालिया और काकड़ा मिर्जापुर स्टेशनों पर पटरी पर धरना दे रहे हैं. Also Read - 18 लोगों की मौत से 'जागी' कोलकाता पुलिस, थके हुए ड्राइवरों को पिलाएगी गर्म चाय; जानिए क्यों?

बंद के कारण नगालैंड में जनजीवन प्रभावित

कोहिमा नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे नगा छात्र संघ (NSF) द्वारा आहूत छह घंटे के बंद के बीच नगालैंड के कई हिस्सों में शनिवार को स्कूल, कॉलेज और बाजार बंद रहे और सड़कों से वाहन नदारद रहे. उन्होंने बताया कि उन इलाकों से अब तक कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है, जहां सुबह छह बजे से बंद शुरू हुआ है. प्रदर्शनकारी परीक्षाओं में शामिल होने जा रहे छात्रों, ड्यूटी पर जा रहे चिकित्सा कर्मियों, मीडिया कर्मियों और शादियों में शामिल होने जा रहे लोगों को सड़कों से जाने दे रहे हैं. राज्य की राजधानी कोहिमा में भी बंद के कारण अधिकतर व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं खुले, जिससे पूरा क्षेत्र सुनसान पड़ा रहा.

एनएसएफ के उपाध्यक्ष डिएवी यानो ने नागरिकता संशोधन विधेयक की निंदा करते हुए कहा कि इसमें पूर्वोत्तर के लोगों की भावनाओं का ध्यान में नहीं रखा गया. गौरतलब है कि एनएसएफ ने इसके खिलाफ शनिवार को छह घंटे के बंद का आह्वान किया. बंद सुबह छह बजे शुरू हुआ. एनएसएफ ने एक बयान में कहा, ”एनएसएफ की आपातकालीन कार्यकारी परिषद की शुक्रवार को आयोजित बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार नगा इलाकों में 14 दिसंबर को सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक छह घंटे के बंद का आह्वान किया गया है.” एनएसएफ ने मणिपुर, असम और नगालैंड में अपनी सभी इकाइयों से इस बंद के मद्देनजर सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा है.