नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर विभिन्न राज्यों द्वारा अपने हवाईअड्डे खोलने की अनिच्छा जताने के बीच सोमवार को देश में दो महीने के अंतराल के बाद घरेलू यात्री विमान सेवाएं फिर से शुरू कर दी गईं. नागर विमानन अधिकारियों की सख्त नियमन अनुशंसा के तहत पहले विमान ने दिल्ली हवाई अड्डे से पुणे के लिए सुबह पौने पांच बजे उड़ान भरी जबकि मुंबई हवाई अड्डे से पहली उड़ान पौने सात बजे पटना के लिए भरी गई.Also Read - Omicron के खतरे के बीच यूपी सरकार ने जारी किया विदेशी और घरेलू हवाई यात्र‍ियों के लिए प्रोटोकॉल

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए कहा कि आज (सोमवार) 532 घरेलू उड़ानों में 39,231 यात्रियों ने यात्रा की. उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में कल से और पश्चिम बंगाल से 28 मई से परिचालन फिर से शुरू हो जाएगा और ये संख्या भविष्य में और बढ़ेगी. Also Read - COVID Vaccination drive for Chhath Puja devotees: छठ व्रतियों के लिए खास टीकाकरण अभियान की शुरुआत

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हालांकि देश भर में सोमवार को कई उड़ानें रद्द भी कर दी गईं. उदाहरण के लिए, विमानन उद्योग के सूत्रों ने बताया कि दिल्ली हवाईअड्डे पर अब तक करीब 82 उड़ानें – आने और जाने वालीं- रद्द कर दी गई हैं. महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्य जहां देश के सबसे व्यस्ततम हवाईअड्डे हैं, वे अपने राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण मामले बढ़ने का हवाला देकर हवाईअड्डों से घरेलू विमान सेवा शुरू करने के लिए इच्छुक नहीं हैं.

पश्चिम बंगाल ने विमान सेवा शुरू करने की अनुमति देने के नागर विमानन मंत्रालय के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया. रविवार को यह तय किया गया था कि सख्त दिशा-निर्देशों के तहत राज्य 28 मई से धीरे-धीरे घरेलू विमान सेवा को अनुमति देना शुरू करेगा. आंध्र प्रदेश में भी सोमवार को किसी विमान के परिचालन की अनुमति नहीं दी गई. एयरलाइन कंपनियां सेवाएं फिर से शुरू करने को लेकर आशंकित थी क्योंकि कई राज्यों ने घरेलू विमानों से पहुंचने वाले यात्रियों को पृथक-वास में रखने के लिए अलग नियम एवं शर्तें लागू की हैं.

(इनपुट भाषा)