नई दिल्ली. सीबीआई (CBI) के डायरेक्टर आलोक कुमार वर्मा को अधिकार वापस लेकर उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने निर्देश दिया कि रिटायर्ड जज एके पटनायक की निगरानी में आलोक वर्मा पर लगे आरोपी की सीवीसी जांच होगी. इसके लिए कोर्ट ने दो हफ्ते का वक्त दिया है. Also Read - Air India के जिस विमान में सवार थे CJI, उड़ान भरते ही आई खराबी, फुल इमरजेंसी में कराई लैंडिंग

कोर्ट ने सीवीसी को इस पूरे मामले में जांच के लिए पहले 10 दिन का वक्त दिया था. लेकिन सीवीसी ने कहा कि ये समय जांच के लिए काफी कम है. इसके बाद कोर्ट ने उन्हें दो हफ्ते का वक्त दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई के अंतरिम निदेशक अगली सुनवाई तक कोई नितिगत फैसला नहीं लेंगे. Also Read - CJI एस.ए. बोबड़े का केंद्र को निर्देश- दिल्ली में न हो स्मॉग, यह सुनिश्चित करें

कोर्ट ने इसके साथ ही ये भी कहा, सीबीआई के बदले गए जांच अधिकारियों की लिस्ट उन्हें बंद लिफाफे में दी जाए. इसके साथ ही सीबीआई विवाद पर अब 12 नवंबर को अगली सुनवाई होगी. Also Read - CJI की वकीलों को सलाह, अपनी खूबसूरत कारों के बजाय साइकिल चलाएं

बता दें कि इससे पहले सीबीआई ने इन खबरों से इंकार किया था कि राफेल डील से संबंधित फाइलें वर्मा के पास थीं. गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी आरोप लगाया था कि सरकार ने आनन-फानन में अवैध तरीके से वर्मा को हटाया है ताकि राफेल मामले की जांच नहीं हो सके. हालांकि, भाजपा ने उनके आरोपों को झूठ करार दिया.