नई दिल्‍ली: चीफ जस्टिस रंजन गोगोई अयोध्‍या मामले में फैसला देने से यूपी के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ आज शुक्रवार को दोपहर बाद मीटिंग करेंगे. सीजेआई यूपी के मुख्‍य सचिव और डीजीपी से लगभग अपने चेम्‍बर में मिलेंगे. सूत्रों ने कहा कि सीजेआई अयोध्‍या पर फैसले से पहले राज्‍य की कानूनी व्‍यवस्‍था और इसके पालन के लिए जरूरी बिंदुओं पर चर्चा कर सकते हैं.

सूत्रों ने बताया कि अयोध्या भूमि विवाद मामले में अगले हफ्ते फैसला आने के मद्देनजर यह बैठक होगी. प्रधान न्यायाधीश ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी और डीजीपी ओम प्रकाश सिंह से बात की है और वह अपने चैंबर में उनसे मुलाकात करेंगे.

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में लगातार 40 दिन तक सुनवाई चलने के बाद 16 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. यह फैसला 17 नवंबर से पहले आने की उम्मीद है, क्योंकि प्रधान न्यायाधीश गोगोई उस दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट अयोध्‍या में रामजन्‍मभूमि- बाबरी मस्जिद विवाद के दशकों पुराने मामले में अगले हफ्ते 17 नवंबर से पहले अपना फैसला सुना सकता है क्‍योंकि सीजेआई के कार्यकाल का यह अंतिम दिन है. इसके बाद जस्टिस एसए बोबड़े अगले सीजेआई का पद संभालेंगे.

सुरक्षा बढ़ाई गई
– केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्‍यों के सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के मद्देनजर सुरक्षा और सतर्कता का अलर्ट भेजा है
-गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश खासतौर से अयोध्या में सुरक्षा के लिए अर्द्धसैन्य बलों के करीब 4,000 कर्मियों को भेजा है
-दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के स्टेशनों समेत 78 प्रमुख स्टेशनों में आरपीएफ कर्मियों की मौजूदगी बढ़ाई गई

फैसले के मद्देनजर योगी ने दिए सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को आगामी पर्वों और रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के मद्देनजर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलों एवं जनपदों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को ये निर्देश दिए.
– योगी ने कहा कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए
– शरारती तत्वों एवं माहौल खराब करने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाए
– मुख्‍यमंत्री ने अयोध्या सहित प्रदेश के अन्य जनपदों में कानून व्यवस्था की समीक्षा की
– प्रदेश स्तर पर और प्रत्येक जनपद में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित कर तुरन्त संचालित करने के निर्देश
– ये नियंत्रण कक्ष 24 घंटे लगातार कार्य करेंगे.
– सीएम ने अयोध्या एवं लखनऊ जनपदों के लिए एक-एक हेलि‍कॉप्टर की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की
– शांति समिति की बैठकों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों, धार्मिक गुरुओं, प्रबुद्धजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि के साथ संवाद स्थापित किया जाए और बारावफात के जुलूसों का शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित किया जाए  (एजेंसी- इनपुट)