कोलकाता: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर भाजपा नेता और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया है. बोस ने बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष द्वारा सीएए को लेकर की गई विवादित टिप्पणी की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि देश में लोगों को डराने-धमकाने की राजनीति का कोई स्थान नहीं है. उन्होंने कहा कि मैंने अपनी पार्टी के नेतृत्व को सुझाव दिया है कि CAA में छोटा सा संशोधन विपक्ष के पूरे अभियान पर पानी फेर सकता है. Also Read - West Bengal Assembly Elections 2021 Opinion Poll: बंगाल में फिर एक बार ममता सरकार! लेकिन 3 से 100 पर पहुंच सकती है भाजपा; जानिए क्या है जनता का मूड

एएनआई से बात करते हुए बोस ने कहा कि एक बार कोई बिल अगर एक अधिनियम कानून बन जाता है, तो इसके बाद यह राज्य सरकारों के लिए बाध्यकारी हो जाता है. यह कानूनी स्थिति है. हालांकि, एक लोकतांत्रिक देश में आप नागरिकों पर किसी भी अधिनियम को थोप नहीं सकते हैं. Also Read - बीजेपी ने काउंटर नारे से ममता बनर्जी पर साधा निशाना, कहा- बंगाल को अपनी बेटी चाहिए, बुआ नहीं

बोस ने आगे कहा, हमें विशेष रूप से यह बताने की आवश्यकता है कि यह कानून अल्पसंख्यकों के लिए है, हमें किसी भी धर्म का उल्लेख नहीं करना चाहिए. हमारा दृष्टिकोण अलग होना चाहिए. हमारा काम लोगों को यह समझाना है कि हम सही हैं और वे गलत हैं. आप अपमानजनक नहीं हो सकते. सिर्फ इसलिए कि आज हमारे पास संख्या है, हम लोगों को डराने की राजनीति नहीं कर सकते. हमें सीएए के लाभों के बारे में लोगों को बताना चाहिए. Also Read - Phase VIII of West Bengal Election Date Assembly Constituencies Name: पश्चिम बंगाल में आठवें चरण में इन 35 सीटों पर होंगे चुनाव, यहां देखिए पूरी List और मतदान की तारीख

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं. दिल्ली के शाहीन बाग में इस कानून के विरोध में बीते एक महीने से धरना चल रहा है. हालांकि केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि किसी भी स्थिति में यह कानून वापस नहीं लिया जाएगा.