Ayodhya Verdict Live Updates: (नई दिल्ली) सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में कहा कि निर्मोही अखाड़ा राम लला की मूर्ति का उपासक या अनुयायी नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंदू इस स्थान को भगवान राम की जन्मभूमि मानते हैं, यहां तक कि मुसलमान भी विवादित स्थल के बारे में यही कहते हैं. हिंदुओं की यह अविवादित मान्यता है कि भगवान राम का जन्म गिराई गई संरचना में ही हुआ था.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा कि निर्मोही अखाड़े का दावा कानूनी समय सीमा के तहत प्रतिबंधित है. विवादित 2.77 एकड़ जमीन का कब्जा केंद्र सरकार के रिसीवर के पास बना रहेगा. कोर्ट ने कहा, सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए किसी मुनासिब जगह पर पांच एकड़ जमीन दी जाए. न्यायालय ने मुसलमानों को नयी मस्जिद बनाने के लिए वैकल्पिक जमीन आवंटिक करने का निर्देश दिया.

संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे, न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं.

कोर्ट ने कहा कि मान्यता और विश्वास के आधार पर मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता, वे विवाद पर फैसले के लिए संकेतक की तरह होते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंदू इस स्थान को भगवान राम की जन्मभूमि मानते हैं, यहां तक कि मुसलमान भी विवादित स्थल के बारे में यही कहते हैं. हिंदुओं की यह अविवादित मान्यता है कि भगवान राम का जन्म गिराई गई संरचना में ही हुआ था.