नई दिल्‍ली: केंद्र की सत्‍तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आठवीं तक की पढ़ाई की अनिवार्यता हटा दी है, जिससे उनकी पढ़ाई के कारण रोजगार न रुके. ट्रांसपोर्ट एवं हाइवे मिनिस्‍टर नितिन गडकरी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ट्रांसपोर्ट सेक्टर में 22 लाख लोगों ने रोजगार उपलब्‍ध कराने के लिए कदम उठाया है. दरअसल, ट्रांसपोर्ट सेक्‍टर करीब 22 लाख ड्राइवरों की कमी से जूझ रहा है. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक इस कमी को दूर करने के लिए देश में 2 लाख स्किल सेंटर खुलेंगे.

केंद्रीय मंत्री के बयान के मुताबिक हालांकि, चालकों के लिए न्‍यूनतम शैक्षिक योग्‍यता की आवश्‍यकता हटाते हुए मंत्रालय ने प्रशिक्षण और कौशल परीक्षा पर जोर दिया है, ताकि सड़क सुरक्षा से किसी भी तरह का कोई समझौता न हो. ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले किसी भी व्‍यक्ति के लिए कड़ी कौशल परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा.

अभी तक केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 8 के तहत वाहन चालक लाइसेंस पाने के लिए 8वीं पास होना जरूरी है. मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर शैक्षणिक योग्‍यता में बदलवा करने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन 1989 के नियम 8 में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इस बारे में अधिसूचना जल्‍दी ही जारी की जाएगी.  बता दें कि देश में 2018- 2019 वित्‍तीय वर्ष में नए 10,07,319 कमर्शियल वाहनों की बिक्री हुई, जबकि पैसेंजर वेहिकल 33,77,436 और थ्री व्‍हीलर 21,181,390 की बिक्री हुई.

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने ट्वीट करते हुए बताया है कि पढ़ाई के कारण ट्रांसपोर्ट सेक्‍टर में रोजगार नहीं रुकेगा. ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 8वीं तक की पढ़ाई अब जरूरी नहीं. अगर ड्राइविंग टेस्‍ट पास किया तो मिलेगा लाइसेंस. ड्राइविंग की ट्रेनिंग के लिए देश में 2 लाख स्‍क‍िल सेंटर खुलेंगे. लॉजिस्‍ट‍िक सेक्‍टर में हैं 22 लाख से अधिक ड्राइवरों की नौकरियां.

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि समाज के कम पढ़े-लिखे और गरीब लोग ड्राइविंग से रोजगार की संभावना तलाशते हैं. सरकार ने आठवीं तक की पढ़ाई की अनिवार्यता हटा दी है, जिससे उनकी पढ़ाई के कारण रोजगार न रुके. ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भी 22 लाख से अधिक ड्राइवरों की कमी है, इससे लाखों जिंदगीयां बेहतर हो सकती हैं.

बयान के अनुसार, आर्थिक रूप से पिछड़े तबकों के कामकाज के लिहाज से कुशल लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बस, ट्रक और माल ढुलाई जैसे वाहनों (ट्रांसपोर्ट) के चालकों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता हटाने का निर्णय किया है. देश में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा हैं जो भले ही शिक्षित नहीं हो, लेकिन कुशल और साक्षर हैं.

मंत्रालय की अभी हाल ही में आयोजित बैठक में, हरियाणा सरकार ने मेवात क्षेत्र के आर्थिक रूप से पिछड़े चालकों के लिए शैक्षणिक योग्यता की शर्त को हटाने का अनुरोध किया था. मेवात में लोगों की आजीविका कम आय वाले साधनों पर निर्भर करती है, जिसमें वाहन चलाना भी शामिल है.