नई दिल्ली। ट्रेनों में सफर करने वालों के लिए खुशखबरी. जल्द ही एसी ट्रेन में सफर करने वालों को रेलवे की तरफ से नई सौगात मिलने जा रही है. अक्सर यात्रियों की शिकायत रहती है कि एसी कोच में साफ सुथरे और मुलायम कंबल नहीं मिलते हैं. रेलवे ने इसी शिकायत को दूर करने की दिशा में अहम कदम उठाने का ऐलान किया है. Also Read - Bihar Special Train List/ Indian Railway: बिहार के लिए आज से शुरू होंगी 20 से ज्यादा नई स्पेशल ट्रेन, जानें आने-जानें की टाइमिंग

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रेलवे बोर्ड ने दिए निर्देश Also Read - Indian Railway/IRCTC: रेलवे जल्द करने जा रहा ये बड़ा बदलाव! यात्रियों से लिया जाएगा 'यूजर चार्ज', इतना बढ़ जाएगा किराया

ट्रेनों के वातानुकूलित डिब्बों में यात्रा करने वाले जल्द ही अच्छी गुणवत्ता वाले मुलायम और साफ कंबलों का इस्तेमाल कर सकेंगे. रेलवे बोर्ड द्वारा जारी संशोधित ब्योरे में यह बात कही गई है. इस महीने की शुरुआत में जारी निर्देशों में कहा गया है कि एसी डिब्बों में यात्रियों को दिया जाने वाला कंबल साफ होना चाहिए और ग्रीस, साबुन और अन्य मिश्रण से मुक्त रहना चाहिए जो कंबल को कड़ा या वजनी बना सकता है.

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अभी ऊनी कंबल दिए जाते हैं. उसके उलट संशोधित विवरण में कहा गया है कि कंबल की फाइबर सामग्री में 60 फीसदी ऊन, 15 फीसदी नाइलॉन होना चाहिये और उसका वजन450 ग्राम होना चाहिए. रेलवे बोर्ड ने कहा है कि उच्च गुणवत्ता वाले मुलायम कंबल में चारों तरफ साटिन पाइपिंग होनी चाहिए.

फिलहाल 4 साल के लिए एक कंबल का इस्तेमाल होता है

फिलहाल छोटे आकार के कंबल का वजन 2.2 किलोग्राम होता है और इसका इस्तेमाल चार साल के लिए होता है. बोर्ड ने कहा है कि संशोधित ब्योरे वाले इन कंबलों की एक महीने में दो बार धुलाई होनी चाहिए, जो उपलब्ध क्षमता पर निर्भर करेगा. अगर क्षमता संबंधी मजबूरी होगी तो कम से महीने में एक बार इसकी अवश्य धुलाई होनी चाहिए.

बोर्ड ने कहा कि धुलाई की आवृत्ति बढ़ जाने पर संशोधित विवरण वाले इन कंबलों की आयु घटकर शुरुआत में दो साल हो जाएगी. इसकी एक साल बाद समीक्षा की जा सकती है. फिलहाल कंबलों की दो महीने में एक बार ड्राई क्लीनिंग होती है. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने पिछले साल यात्रियों को गंदा चादर, तकिया और कंबल देने को लेकर रेलवे की खिंचाई की थी.