Climate Adaptation Summit 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत के कदमों से दिखता है कि यह जलवायु हितैषी कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है और यह न केवल पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करेगा बल्कि उससे आगे बढ़कर कार्य करेगा. मोदी ने कहा कि भारत न केवल पर्यावरण क्षति को रोकेगा बल्कि उसे ठीक भी करेगा.Also Read - Republic Day Parade 2022: जानिए कहां और कैसे देखें गणतंत्र दिवस परेड की LIVE स्ट्रीमिंग

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत केवल नई क्षमताओं का निर्माण नहीं करेगा बल्कि वैश्विक अच्छाइयों का उन्हें वाहक बनाएगा. Also Read - Assembly Elections 2022: पांच राज्यों के चुनावों से पहले PM मोदी आज BJP कार्यकर्ताओं को देंगे जीत का मंत्र

ऑनलाइन आयोजित जलवायु अनुकूलन शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन में बदलाव के अनुकूल बनने के लिए हमारी जीवनशैली में बदलाव जरूरी है. उन्होंने कहा कि इसी भावना से विश्व को आगे बढ़ना चाहिए. Also Read - सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा लगाने को नेताजी की बेटी ने बताया अच्छा कदम, कहा- 'उनका देश प्रेम अदभुत था'

उन्होंने कहा कि भारत ने 2030 तक 450 गीगावाट अक्षय ऊर्जा सृजन का लक्ष्य रखा है और एलईडी बल्ब के इस्तेमाल से प्रति वर्ष 3.2 करोड़ टन कार्बन डाई ऑक्साईड उत्सर्जन कम हो रहा है.

उन्होंने कहा कि देश 2030 तक 2.6 लाख हेक्टेयर खराब जमीन को दुरूस्त करने जा रहा है और आठ करोड़ ग्रामीण घरों को स्वच्छ रसोई ईंधन मुहैया करा रहा है तथा 6.4 करोड़ घरों को पाइप से जलापूर्ति करने जा रहा है.

उन्होंने कहा कि भारत की पहल खुद तक सीमित नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और ‘कॉलिशन फॉर डिजास्टर रिसिलेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर,’ वैश्विक जलवायु भागीदारी की ताकत को दिखाता है.

ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन शिखर सम्मेलन 2021 का आयोजन नीदरलैंड कर रहा है और इसमें वैश्विक नेता और स्थानीय भागीदार हिस्सा ले रहे हैं. दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत सोमवार को हुई.

(इनपुट भाषा)