नई दिल्ली: चीफ सेक्रेटरी से मारपीट के मामले में आरोप पत्र दायर होने के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने संबंधित बातें लीक होने से रोकने के लिए कोर्ट से गुहार लगाई है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को एक अदालत में गुहार लगाई की कि मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर हमले के सिलसिले में उनके खिलाफ दायर आरोप-पत्र की विषय-वस्तु मीडिया को लीक करने से दिल्ली पुलिस को रोका जाए. Also Read - Coronavirus Delhi latest Update: दिल्ली में कोरोना का विस्फोट, एक दिन में 1500 से अधिक नए मामले, सरकार ने समिति का किया गठन

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) समर विशाल ने इस मामले में आरोपी बनाए गए सीएम केजरीवाल, डिप्टी सीएम सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के 11 एमएलए की ओर से दायर अर्जी को रिकॉर्ड पर लेते हुए दिल्ली पुलिस से इस पर 25 अगस्त तक जवाब मांगा. कोर्ट 25 अगस्त को आरोप-पत्र पर विचार करेगी. Also Read - IB कर्मी अंकित शर्मा हत्याकांड: SIT ने 650 पेज की चार्जशीट दाखिल की, जेल में हैं सभी आरोपी

इनके खिलाफ आरोप पत्र
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को केजरीवाल, सिसोदिया और आप के 11 विधायकों – अमानतुल्ला खान, प्रकाश जरवाल, नितिन त्यागी, ऋतुराज गोविंद, संजीव झा, अजय दत्त, राजेश ऋषि, राजेश गुप्ता, मदन लाल, प्रवीण कुमार और दिनेश मोहनिया – के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था. Also Read - SSC/CHSL/JE/CGL: कर्मचारी चयन आयोग ने जारी की पेंडिग परीक्षाओं की सूची, अब इस दिन होंगी परीक्षाएं

दिल्ली पुलिस लीक कर रही बातें
वकील मोहम्मद इरशाद की ओर से दाखिल अर्जी में आप के नेताओं ने कहा कि जांच एजेंसी दिल्ली पुलिस दुर्भावनापूर्ण तरीके से मीडिया में आरोप-पत्र में लिखी चुनिंदा बातें लीक कर रही है ताकि आरोप-पत्र में नामजद लोगों, खासकर केजरीवाल और सिसोदिया, का चरित्र-हनन किया जा सके. उन्होंने कहा कि मामला अदालत के विचाराधीन है, ऐसे में जांच एजेंसी को कोई अधिकार नहीं है कि वह अदालत द्वारा संज्ञान लिए जाने से पहले आरोप-पत्र में लिखी गई बातें मीडिया को बताए.