Karnataka Election Results: सीएम बसवराज बोम्मई ने इस्तीफा दिया, राज्यपाल ने किया मंजूर

Karnataka Assembly Elctions 2023 Results: बसवराज बोम्मई ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद कहा- हम लोगों के फैसले को सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हैं. मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं

Published date india.com Published: May 13, 2023 11:46 PM IST
Karnataka Election Results: सीएम बसवराज बोम्मई ने इस्तीफा दिया, राज्यपाल ने किया मंजूर
बेंगलुरु के राजभवन में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने आज शनिवार को देर रात अपना इस्तीफा राज्यपाल थावरचंद गहलोत को सौंप दिया.

बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने आज शनिवार को विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत को अपना इस्तीफा सौंप दिया. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. बाद में संवाददाताओं से बातचीत में बोम्मई ने कहा, “हम लोगों के फैसले को सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हैं. मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं.” उन्होंने कहा, “इस बार 36 फीसदी से ज्यादा वोट मिलने के बावजूद हमें कम सीटें मिली हैं. विश्लेषण चल रहा है, लेकिन हार तो हार है. पार्टी में हम नतीजों का विस्तृत विश्लेषण करेंगे और जहां जरूरत होगी, उसमें सुधार करेंगे.”

विधानसभा चुनावों के बाद कर्नाटक में कांग्रेस ने भाजपा को राज्य से बाहर कर एक शानदार जीत दर्ज की.

कर्नाटक में सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सकी. मोदी ने 10 मई को हुए राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के लिए 19 रैलियों को संबोधित किया था और छह रोड शो कर भाजपा के चुनाव प्रचार को आक्रामक रूप दिया था. पार्टी ने उनके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई शीर्ष नेताओं को राज्य के चुनाव प्रचार में लगाया था.

भाजपा ने वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में 104 सीटों पर जीत दर्ज की थी लेकिन इस बार वह केवल 65 सीटों पर ही कमल खिला सकी. निवर्तमान मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से जब पूछा गया कि क्या मोदी या शाह का जादू इस चुनाव में नहीं चला तो उन्होंने कहा कि इस बारे में नतीजों के विश्लेषण के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

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बोम्मई ने हालांकि कहा कि कांग्रेस की अधिक संगठित चुनावी रणनीति उसकी जीत के कारणों में से एक बड़ी वजह हो सकती है. कुछ पार्टी नेताओं ने निजी तौर पर माना कि विमर्श के मोर्चे पर कांग्रेस का प्रचार उनके मुकाबले काफी आक्रामक था। उन्होंने रेखांकित किया कि वह चुनाव से महीनों पहले से बोम्मई सरकार पर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हमला कर रही थी. एक अन्य नेता ने माना कि कांग्रेस के भ्रष्टाचार के आरोपों का भाजपा प्रभावी तरीके से मुकाबला करने में असफल रही.

भाजपा सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस द्वारा चुनाव से पहले मुफ्त बिजली, चावल और बेरोजगारी भत्ता देने की दी गई गारंटी से भी मतदाताओं का एक बड़ा धड़ा विपक्षी पार्टी के पाले में गया। एक अन्य भाजपा नेता ने कहा कि सत्ता विरोधी लहर का मुकाबला करने के लिए पार्टी ने 75 नए चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा लेकिन उनमें से कुछ दागी थे और उनकी साफ छवि नहीं थी. ( भाषा)

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